गोंडा। तहसील पर ग्राम न्यायालय संचालित होने व वकीलों पर दर्ज मुकदमों के विरोध में चल रहे प्रदर्शन में दौरान वकीलों का गुस्सा फूटा। गुस्साए वकीलों ने गोंडा-लखनऊ हाइवे जाम कर घंटो तक यातायात बाधित रखा।
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने नगर कोतवाल से हाथापाई भी किया। हाइवे जाम होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। आने-जाने वालों को धूप में खड़े होकर परेशानी का सामना करना पड़ा।
तहसील स्तर पर ग्राम न्यायालय की स्थापना किए जाने के विरोध सप्ताह भर से मुख्यालय के अधिवक्ता हड़ताल पर हैं। लगातार दो दिनों से अधिवक्ता गोंडा-लखनऊ मुुख्य हाईवे को जाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं।
बुधवार को सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेश मिश्र व जिला बार एसोसिएशन दीनानाथ त्रिपाठी के अगुवाई में वकीलों ने दीवानी कचहरी गेट के सामने हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस व वकीलों में झड़प हो गई जिसमें गुस्साए वकीलों ने नगर कोतवाल को घेरकर हाथापाई किया। नगर कोतवाल आलोक राव के साथ हाथापाई को देख अन्य पुलिस कर्मियों ने दौड़कर बीच बचाव कराया तथा कोतवाल को वकीलों के भीड़ से बाहर निकाला।
वहीं गोंडा लखनऊ हाईवे जाम होने से करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा जिससे लखनऊ जाने वाले हजारों लोगों धूप में खड़े होकर जाम में फंसना पड़ा।
नगर कोतवाल के साथ वकीलों के हाथापाई किए जाने के मामले पर सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेश मिश्र ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उपद्रव करना हमारा मकसद नहीं था प्रदर्शन में कुछ अराजक वकीलों ने अपने स्तर से नगर कोतवाल के साथ हाथापाई किया। सिविल बार एसोसिएशन को इससे कोई लेना देना नहीं है। सथ्य समाज में मारपीट का कोई स्थान नहीं है। इस घटना की निंदा की जाती है।
करनैलगंज तहसील में वकीलों के आंदोलन को देखते हुए तहसील परिसर पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। बुधवार को संघ के अध्यक्ष संजय मिश्रा व मंत्री सूर्यकांत तिवारी वेद की अगुवाई में तहसील संघ भवन से अधिवक्ताओं का हुजूम निकला।
हुजूम सीधे गोंडा लखनऊ मार्ग पर पहुंचकर सड़क जाम कर नारेबाजी करने लगा। वहीं भारी संख्या में पुलिस बल के साथ सीओ मुन्ना उपाध्याय, कोतवाल करनैलगंज प्रदीप कुमार सिंह व थानाध्यक्ष परसपुर राजनाथ सिंह अधिवक्ताओं को समझाकर आवागमन बहाल कराने की कोशिश करते रहे।
मगर अधिवक्ता अपनी मांग पर अड़े रहे। मौके की स्थित देखकर पुलिस अधिकारियों के साथ उपजिलाधिकारी हीरालाल भी मौके पर पहुंचे। अधिवक्ताओं को समझा बुझाकर ज्ञापन लेकर मार्ग का आवागमन बहाल कराया।