फोटो-6 गोंडा के सीएमओ कार्यालय पर आयुष्मान कार्ड की फीडिंग करते कर्मचारी। -संवाद
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गोंडा। जिले के पेंशनर व राज्यकर्मियों को जल्द ही केंद्र की तर्ज पर कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। आयुष्मान भारत योजना की तरह पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत जिले के 24 हजार राज्य कर्मचारियों व 21 हजार पेंशनर्स को हर साल पांच लाख रुपया तक कैशलेस इलाज की मुफ्त सुविधा मुहैया होगी। इसके लिए लाभार्थियों की सूची तैयार करने के साथ ही मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण की तैयारी भी शुरू हो गयी है।
जिले के 45 हजार कर्मचारियों व पेंशनरों को केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्यकर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत की गई है। योजना का समुचित लाभ कर्मचारियों को मिल सके, इसके लिए शासन ने स्वास्थ्य विभाग को दो मास्टर ट्रेनरों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मास्टर ट्रेनरों को विशेष प्रशिक्षण के बाद संबंधित मास्टर ट्रेनर की ओर से विभिन्न विभागों के कंप्यूटर ऑपरेटरों को प्रशिक्षित कर कर्मचारियों का डेटा बेस तैयार किया जाएगा। इसके बाद गोल्डन कार्ड की तरह ही कर्मचारियों का भी विशेष कार्ड बनेगा, जिसके माध्यम से वह योजना का समुचित लाभ उठा सकेंगे।
आयुष्मान भारत योजना के जिला सूचना प्रबंधक अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि गत नौ मार्च को मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएमजेएवाई संगीता सिंह ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि जल्द ही दो मास्टर ट्रेनरों की सूची शासन को उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें शासन स्तर पर योजना के संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जा सके। प्रशिक्षण के बाद मास्टर ट्रेनर जिले के सभी विभागों में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों को प्रशिक्षण के साथ ही आईडी व पासवर्ड देंगे।
नहीं करना होगा भुगतान का इंतजार
राज्य कर्मचारियों को अब तक इलाज के बाद बिल वाउचर एकत्र कर संबंधित विभाग के कार्यालय में जमा करना पड़ता था। इसके बाद लंबी प्रक्रिया व मशक्कत के बाद भुगतान हो पाता था। बीमार को इलाज पर खर्च हुई राशि का भुगतान पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। शासन स्तर से शुरू होने वाली इलाज की नयी कैश लैस सुविधा से राज्य कर्मियों के साथ पेंशनर को होने वाली परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी। राज्य कर्मचारी यशवंत पांडेय व पेंशनर संघ के अध्यक्ष केबी सिंह ने कैश लेस इलाज की सुविधा शुरू किए जाने का स्वागत करते हुए बताया कि इससे मेडिकल भुगतान प्राप्त करने में होने वाली परेशानी काफी हद तक दूर हो सकेगी।