फोटो-26-गोंडा में नवीन मंडी परिसर में बने मतगणना स्थल पर सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी। (संवाद)
- फोटो : GONDA
गोंडा। विधानसभा चुनाव को लेकर लग रहे तमाम कयास और अटकलों को विराम देने का समय आ गया है। बस, दिल थामकर बैठिए, आज इसका परिणाम आ जाएगा। ईवीएम में कैद 80 प्रत्याशियों के भाग्य का पिटारा आज जब खुलेगा तो कुछ के सिर पर जीत का सेहरा सजेगा तो कुछ को नसीहत भी मिलेगी। कुछ ऐसे भी महारथी तय होंगे जिससे जिले की सियासत को नया आयाम मिलेगा।
प्रशासन मतगणना को सकुशल संपन्न कराने के लिए अपने स्तर से तैयारी में जुटा है तो चुनाव में किस्मत अजमा रहे दलीय व निर्दल प्रत्याशियों ने इसके लिए पुरजोर तैयारी की है। हर किसी की इच्छा है कि मतगणना निर्विघ्न रूप से संपन्न हो जाए और जनमत जिसके साथ हो वही उनका प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत में प्रतिनिधित्व करे। जिले की सात विधानसभा में इस बार 24 लाख 45 हजार 713 मतदाताओं में से 14 लाख पांच हजार 684 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग कर चुनाव में किस्मत अजमा रहे 80 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद कर दिया। पांचवें चरण में इस चुनाव में सबसे अधिक जागरूक कटरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता दिखे। जिन्होंने सबसे अधिक मतदान किया। यहां 234143 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सबसे कम मतदान गौरा विधानसभा में हुआ, यहां 172175 लोगों ने वोट डाला है। परिणाम भले ही सबसे पहले गौरा विधानसभा का आने का अनुमान है, लेकिन दावेदारों के साथ उनके समर्थकों के दिल की धड़कने राउंडवार हो रही मतगणना के पहले चरण से तेज होने लगेंगी। एग्जिट पोल के अनुमानों के साथ आमजन की उम्मीदों का पिटारा भी खुलेगा और जिस जनमत का फैसला होगा उसकी जय-जयकार होनी भी तय है।
कौन होगा राजनीति का महारथी !
चुनाव परिणाम से न केवल चुनावी समर में उतरे दावेदारों के भाग्य का फैसला होगा बल्कि राजनीति के वे महारथी भी तय हो जाएंगे जिसके दंभ के किस्से खूब लोगों ने सुने हैं। सियासत के महारथी की इस दौड़ में हेलीकाप्टर लेकर भ्रमणशील रहे कैसरगंज के भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह, बगावती तेवर अपना कर सपा खेमे में आए अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया, पूर्व सांसद व विधायक कुंवर आनंद सिंह, साइकिल छोड़कर कांग्रेसी हुए पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह तथा पूर्व मंत्री स्व. विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह के राजनीतिक वारिस सूरज सिंह शामिल हैं। (संवाद)