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फैलता जा रहा कोरोना संक्रमण, 74 नए मामले आए

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फोटो-7 गोंडा के जनता इंटर कॉलेज में वैक्सीन लगवाने के लिए लाइन में लगे छात्र।संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। डीएम, डीआईजी से लेकर स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। शुक्रवार को आई रिपोर्ट में जिले में 74 लोग संक्रमित मिले। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 280 पहुंच गई है। माना जा रहा है कि इन अधिकारियों के कार्यालयों में फरियादियों की भीड़ लगी रहती थी। जिससे संक्रमण के फैलने की संभावना बढ़ जा रही है।
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नियमों की अनदेखी से ही बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी कोरोना के जद मे आ रहे हैं। अमर उजाला ने सरकारी कार्यालयों में कोविड नियमों को लेकर बरती जा रही लापरवाही की खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। शुक्रवार को 2954 लोगों की जांच में 74 लोग की रिपोर्ट कोरोना जांच पॉजिटिव आई है, अब सक्रिय कोरोना संक्रमितों की संख्या 230 पहुंच गई है। कोरोना संक्रमितों को कोविड किट देकर चिकित्सीय निगरानी में होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर किशोरों के लिए 187 केंद्रों पर टीकाकरण अभियान चल रहा है। अब तक डेढ़ लाख से अधिक का टीकाकरण हो चुका है। 2932 लोगों को बूस्टर डोज लग चुका है। इसमें बुजुर्ग और कर्मचारी भी शामिल हैं।
दफ्तारों में हेल्प डेस्क नदारद, सैनिटाइजर मशीन खराब
सरकारी कार्यालयों में कुछ दिन पहले तक कोरोना संक्रमण को नजरंदाज किया जा रहा था। जिन कार्यालयों में हर रोज सैकड़ों फरियादियों समेत हजारों लोगों का आना-जाना रहता है वहां न तो कोविड हेल्प डेस्क बनाया गया था, न ही सैनिटाइजर मशीन चल रही थी। अमर उजाला ने पांच जनवरी के अंक में हेल्पडेस्क गायब, सैनिटाइजर लापता हेडलाइन से खबर लिखकर अधिकारियों को चेताया था, इसके बावजूद अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। डीएम, डीआरजी, नगर मजिस्ट्रेट, सीएमओ, एसीएमओ समेत जिले के कई आला अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की चपेट में आना पड़ा।
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बाजारों में कम नहीं हो रही लापरवाही
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। बिना मास्क बाजारों में लोग घूम रहे हैं। सैनिटाइजेशन व कंटेनमेंट जोन नहीं होने से संक्रमण सामुदायिक रूप से फैल रहा है। बाजारों में दुकानदार भी कोरोना नियमों का पालन करते नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। हालांकि इस वर्ष कोरोना संक्रमण के सामान्य लक्षण ही मिल रहें हैं जिससे उन्हें अस्पतालों में भर्ती नहीं कराना पड़ रहा है। इस कारण लोग संक्रमण को नजरंदाज कर रहे हैं। सामान्य वायरल समझकर जांच नहीं कराते हैं जिससे अंजाने में दूसरों को भी संक्रमित कर देते हैं। बस स्टाप पर जांच में संक्रमितों ने बताया कि एक-दो दिन मामूली जुकाम-खांसी, बुखार आया। सर्दी के चलते सामान्य मानकर जांच नहीं कराई।
आरटीपीसीआर जांच सुस्त, बढ़ सकती समस्या
कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं वहीं आरटीपीसीआर जांच करने का लक्ष्य कम होने से संक्रमण के प्रसार की संभावना बढ़ जाती है। जिले में हर रोज 1900 लोगों का आरटीपीसीआर जांच किए जाने का लक्ष्य रखा जिसमें बुधवार को 1505 लोगों ही आरटीपीसीआर जांच की गई। वहीं एक हजार लोगों की एंटीजेन किट से जांच करने लक्ष्य रखा है जिस पर 1733 लोगों का जांच किया गया। माना जाता है कि हल्के लक्षण वाले मरीजों की पुष्टि एंटीजन जांच में नहीं हो पाती जिससे वह खुद को सुरक्षित समझकर घूमते रहते हैं जिससे सामुदायिक संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।
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