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यहां 1100 किसानों को नहीं मिला निधि का सम्मान

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गोंडा। पहले किसानों को निधि का सम्मान देने का लॉलीपाप दिया गया बाद में अधिकांश किसानों की निधि ही बंद हो गई। जिले में करीब पांच लाख किसान हैं जिसमें 90 प्रतिशत किसान लघु एवं सीमांत हैं।
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किसानों को शुरुआत में तो निधि ट्रांसफर कर दी गई बाद में तमाम किसानों को अपात्र घोषित कर दिया गया। जिले में करीब 70 हजार किसानों को अपात्र घोषित कर दिया गया और करीब एक लाख किसानों की निधि अपने आप बंद हो गई।
अब किसान त्रुटियों की तलाश कर अधिकारियों की चौखट नापने को विवश हैं। केवल कटरा बाजार ब्लाक में करीब 1100 किसान हैं जिनकी निधि ही बंद कर दी गई। इसमें किसका दोष है यह आज तक कृषि विभाग उजागर नहीं कर सका है।
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किसान सम्मान निधि से क्षेत्र के हजारों लाभार्थी वंचित हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक योजना है। इस योजना के अँतर्गत छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि हो।
इस योजन से रुपया मिल रहा है। लेकिन पिछले कुछ माह से क्षेत्र के हजारो किसान ऐसे हैँ जिनको किसान सम्मान निधि का पैसा ही नहीं मिला। कुछ किसानो को दो चार बार पैसा मिलने के बाद आज तक पैसा नहीं मिला।
किसानो ने बैंक से लेकर अधिकारी, लोकवाड़ी केन्द्र के कई बार चक्कर लगाये, लेकिन निराश होकर बैठ गये। वहीं इस पूरे खेल में अधिकारी की हीलाहवाली सामने आ रही है। जिससे सरकार की किरकिरी हो रही है। कम पढ़े लिखे किसान छह हजार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत 78 ग्राम पंचायते हैं, जहां लगभग सभी ग्राम पंचायतों से दर्जनों किसान ऐसे हैं जिन्हें बैंक, ब्लाक, लोकवाणी व एग्रीकल्चर विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जिन्हें कोई साफ बताने वाला भी नहीं है। बीरपुर गांव के अशोक कुमार, अरविंद कुमार, अब्दुल लतीफ, अफजाल हुसैन ने बताया कि उनका किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं आ रहा है।
बाबूपुर की मिथिलेश, चन्द्रबली, जगरानी, बेनी प्रसाद, ननके लाला ने बताया कि किसान सम्मान निधि के लिए बैक के कई बार चक्कर लगाने के बाद अब आस छोड़ दिया। लालपुर से अरविंद कुमार, बीनू, देव मती, फूलमती ने बताया कि इस समस्या के लिए कोई भी जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहा, जबकि चुनाव भी नजदीक है।
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