जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपात्र राशन कार्डधारकों के नामों को हटाने के लिए ग्रामसभावार टीमों का गठन किया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर छूटे हुए पात्र लाभार्थियों को सूची में जोड़ने और अपात्रों को हटाने की कार्यवाही शुरू हो गई है। राशन कार्डों का शत-प्रतिशत जांच कराने के लिए ग्राम पंचायत सचिव एवं लेखपाल की उचित दर दुकानवार या ग्रामसभावार जांच टीम गठित की गई है।
जिला प्रशासन के सामने ऐसी कई शिकायतें आ रही हैं जिसमें अन्त्योदय, पात्र गृहस्थी परिवारों के मुखिया, सदस्य सरकारी नौकरी में चयनित हैं और उनके परिवार के समस्त सदस्यों की वार्षिक आय दो लाख रुपये या इससे अधिक है। साथ ही उनके परिवार में मोटरकार, ट्रैक्टर, 100 गज का प्लाट या मकान, एसी, हार्वेस्टर, पांच केवी या अधिक क्षमता का जनरेटर, पांच एकड़ सेे अधिक जमीन के स्वामी, एक से अधिक शस्त्र लाइसेेंस एवं आयकरदाता हैं। वह अपात्र होते हुए भी अनाधिकृत रूप से योजना का लाभ ले रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि नगरीय क्षेत्रों में अधिकतम 64.43 प्रतिशत जनसंख्या एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम 79.56 प्रतिशत जनसंख्या के अन्तर्गत ही पात्र गृहस्थी राशन कार्ड या अन्त्योदय कार्ड जारी किया जाएगा। यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, इसके उपरांत भी उसके परिवार द्वारा अपना अन्त्योदय या पात्र गृहस्थी राशनकार्ड जारी कराकर खाद्यान वितरण का अनुचित लाभ लिया जा रहा है तो ऐसे परिवारों, कार्डधारकों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी की ओर से निर्देशित किया गया कि यदि ग्रामसभा का संबंधित लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी (सचिव), नगर क्षेत्र में नामित कर्मी इस पूरे मामले में कहीं भी उत्तरदायी होता है तो उनके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अपात्र लोगों से वसूली की जाएगी।