अखिल भारतीय गोंड महासभा की स्थानीय मंडल इकाई की ओर से सोमवार को विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। अखिल भारतीय गोंड महासभा उतर प्रदेश के अध्यक्ष रामनिवास गोंड मुख्य अतिथि तौर पर शामिल हुए।
इस मौके पर मुख्य अतिथि ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल पर 9 अगस्त हर साल विश्व आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। इस दिन समाज के लोगों मूल अधिकारों को देने की मांग की जाती है। आज गोंड समाज के लोग अपने अधिकारों से वंचित हैं। कहा कि हमारे समाज में रानीदुर्गावती ने जन्म लिया और गोंडवाना राज्य के रक्षार्थ अंग्रेजों से लोहा लेते हुए अपने को बलिदान किया। देश की बीरांगनाओं में रानी दुर्गावती को भूलाया नहीं जा सकता है, लेकिन आज उन्ही के वंशजों को सरकार उनके अधिकारों का शोषण कर रही है।
सर्वसम्मति से केंद्र व राज्यों की सरकारों से मांग किया कि इस समाज की माली हालत सुधारने के लिए बंजर व आबादी की जमीन का पट्टा दिया जाए। कार्यक्रम में तहसील अध्यक्ष उमेश गोंड, श्रीभगवान, जयराम, सुरेंद्र, तुलसी, राधेश्याम, रजिंदर, शोभनाथ, बब्बन, शिवप्रसाद, रामप्यारे, रवि रामाश्रय, गिरीश सहित सैकड़ों गोंड समाज के लोग उपस्थित रहे। अध्यक्षता गोंड संघ रक्षक लल्लन प्रसाद उर्फ जयप्रकाश और संचालन मंडलाध्यक्ष उमेश गोंड ने किया।