टूंडला के गांव धीरपुरा में विलाप करता मृतक पिंटू का विकलांग पिता सूबेदार दिवाकर।
- फोटो : TUNDLA
टूंडला(फिरोजाबाद)। बाइक सवारों से हुई लूट के मामले में पुलिस पूछताछ से दहशत में आए युवक पिंटू ने आत्महत्या कर ली थी। मामले में परिजनों ने शनिवार को मुआवजा राशि न मिलने पर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि पुलिस-प्रशासन वादे के मुताबिक मुआवजा राशि दे तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करे। अंत्येष्टि होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। इसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस पर घबराए पुलिस-प्रशासन ने परिजनों को मुआवजा राशि देकर शव का अंतिम संस्कार कराया।
शनिवार सुबह पांच बजे पिंटू का शव गांव पहुंचा तो एक बार फिर ग्रामीण एकत्रित हो गए। इस दौरान उन्होंने और परिजनों ने मुआवजा न मिलने और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। इस पर प्रशासन ने आनन-फानन में फिरोजाबाद के एसएसपी के पीआरओ हरवेन्द्र कुमार के माध्यम से रुपये भेजे।
पुलिस ने मृतक पिंटू के विकलांग पिता सूबेदार दिवाकर ने बताया कि उन्हें पुलिस-प्रशासन की ओर पांच लाख रुपये दिए गए हैं। साथ ही कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया है। इसके बाद शनिवार को करीब 10 बजे मृतक के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
यह था मामला
छह दिन पहले थाना नारखी के गांव त्रिलोकपुर निवासी सुनील वर्मा व उसके साथी से बदमाशों ने बाइक और नकदी आदि लूट ली थी। मामले में थाना नगला सिंघी पुलिस धीरपुरा निवासी पिंटू (32) पुत्र सूबेदार दिवाकर को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने लूट की वारदात को जबरन कबूल कराने के लिए उसे थर्ड डिग्री दी थी।
इससे उसके शरीर पर चोटों के कई निशान मिले थे। इसको लेकर वह दहशत में था। गत शुक्रवार को पुलिस ने फिर से उसे थाने बुलाया था। दहशत में आकर पिंटू ने गांव के बाहर रस्सी का फंदा बनाकर गले में डालकर नीम के पेड़ से लटककर जान दे दी थी। पुलिस प्रताड़ना से युवक की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था।
इसके बाद जमकर हंगामा हुआ था। सूचना पर पुलिस के साथ ही एसडीएम राजेश कुमार मौके पर पहुंच गए थे, जहां ग्रामीणों ने परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने व दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी।