फतेहपुर। हुसैनगंज थाने के ओझापुर गांव में मारपीट के बाद पलायन करने वाले चारों परिवारों को मनाने के लिए सोमवार को एसडीएम और सीओ पहुंचे। एसडीएम ने मुखिया से फोन पर बात की और उनसे लौटने की अपील की। मंगलवार को पीड़ित लोग एसडीएम से मुलाकात करेंगे।
ओझापुर गांव के उमाशंकर गोड़िया और उसके परिजनों के साथ 17 अगस्त को तालाब में कब्जे और लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। मारपीट में पुलिस ने कोटेदार ननकू समेत चार आरोपियों पर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की थी। जिसके बाद आरोपियों की दहशत से उमाशंकर, रामशंकर, जागेलाल और मुनैसी ने परिवार के साथ पलायन किया था।
मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। एसडीएम प्रमोद झा और सीओ सिटी संजय सिंह सोमवार शाम ओझापुर गांव पहुंचे। गांव वालों से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। तालाब की जांच करने पहुंचे। इसके बाद उमाशंकर को फोन मिलाया। उन्हें पूरी सुरक्षा देने का वादा किया। लेकिन परिवार घर लौटने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस और राजस्व कर्मियों की एक टीम गंगा पार रायबरेली जिले के सरेनी थाना क्षेत्र के खजूरपुर गांव पहुंची।
जहां परिवार के लोग मिले, लेकिन उमाशंकर से मुलाकात नहीं हुई। एसडीएम ने उमाशंकर से फोन पर बात की। तय हुआ कि मंगलवार को वह लोग एसडीएम से मुलाकात करेंगे। सीओ सिटी संजय सिंह ने बताया गांव में पुलिस फोर्स की तैनात है। पलायन जैसा मामला सामने नहीं आया है। परिवार से बातचीत हुई है। वह लोग मंगलवार को लौटकर आएंगे।