एयरपोर्ट जाने के लिए बस से सफर करता यूक्रेन में फंसा छात्र अब्दुलगाजी खां। संवाद
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कायमगंज। गांव कुबेरपुर सरैंया निवासी छात्र अब्दुल गाजी खां यूक्रेन में अन्य छात्रों के साथ फंसा था। मंगलवार दोपहर पिता ने वीडियो कॉल कर बेटे से बात की तो राहत मिली। अब्दुल ने बताया कि ‘मैं बिल्कुल ठीक हूं, 10 किलोमीटर पैदल चलने के बाद अब बस में सवार हो गया हूं।
अब हम पोलैंड पहुंच जाएंगे। अभी पहुंचने में 3-4 घंटे का वक्त लगेगा। अगर मोबाइल कनेक्टविटी में समस्या के चलते बातचीत न हो तो घबराएं नहीं, पोलैंड पहुंचकर कॉल करूंगा।’ पिता ने बताया कि उनका बेटा सुरक्षित है और वह जल्द अपने वतन आ जाएगा।
गांव कुबेरपुर सरैंया निवासी नजमी खां का पुत्र अब्दुल दिसंबर 2021 में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए यूक्रेन के लिवीव शहर स्थित मेडिकल कॉलेज गया था। यूक्रेन पर रूस का हमला होने से परिजन चिंता में पड़ गए।
नजमी ने बताया कि जब रूस का हमला होने पर सायरन बजते ही सभी छात्र एक बंकर में भेज दिए गए। कई घंटे बंकर में रहने के बाद 25 फरवरी की रात बेटा गाजी और उसके साथी स्यानी बॉर्डर के लिए निकले। 28 किलोमीटर पैदल सफर किया। रात भर उन्होंने जागकर काटी और यही दुआ करते रहे कि जैसे भी हो बेटा सही सलामत अपने मुल्क आ जाए।
बॉर्डर पर गाजी अपने साथियों के साथ रुका रहा, वहां के जवानों ने मारपीट भी की और वापस कर दिया। उन्होंने सरकार से बेटे की वापसी की गुहार लगाई थी। सोमवार को मुल्क आने के लिए वीजा मिला।
आज वह 10 किलोमीटर पैदल चलकर बस तक पहुंचा और पोलैंड के लिए रवाना हो गया। अब कोई डर नहीं है और न ही कोई परेशानी है। बेटे की वापसी के लिए दुआ कर रहे हैं। अब उनका बेटा जल्द ही अपने देश में आ जाएगा।