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डीएम के आदेश के बाद भी साढ़े तीन घंटे बाद हो सका अल्ट्रासाउंड

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अल्ट्रासाउंड के लिए साढ़े तीन घंटे बैठी रही किशोरी
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फर्रुखाबाद। जिला अस्पताल के डॉक्टरों में सीएमओ का भी भय नहीं है। पतौंजा में छेड़छाड़ की शिकार हुई किशोरी का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए खुद सीएमओ गए थे। फोन करने के बावजूद सीएमएस नहीं आए। डॉक्टर व कर्मचारी साढ़े तीन घंटे बाद पहुंचे। इसके बाद किशोरी का अल्ट्रासाउंड हो सका।
पतौंजा गांव में सात अगस्त को किशोरी से छेड़छाड़ और उसके भाई के साथ मारपीट की गई थी। पुलिस ने मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर तीन लोगों का शांतिभंग में चालान किया था। 15 अगस्त को किशोरी समेत आठ परिवार के लोगों ने पलायन की धमकी देने का आरोप लगाकर अपने घरों पर मकान बिकाऊ है के बैनर लगा दिए थे। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और पाक्सो एक्ट की धारा बढ़ाई गई।
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डीएम मानवेंद्र सिंह ने सीएमओ सतीश चंद्रा को किशोरी का दोबारा मेडिकल और अल्ट्रासाउंड कराने के आदेश दिए। रविवार को मेडिकल कराया गया। अल्ट्रासाउंड के लिए दोपहर करीब डेढ़ बजे सीएमओ किशोरी और उसके माता-पिता को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे।
सीएमओ ने सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त को कई बार फोन करके बुलाया लेकिन वह नहीं आए। चार बजे रेडियोलॉजिस्ट व अन्य कर्मचारी पहुंचे और पांच बजे किशोरी का अल्ट्रासाउंड किया गया। मोबाइल पर बात करने पर सीएमएस ने बताया कि डॉक्टर व रेडियोलॉजिस्ट उनकी बात नहीं सुनते हैं। ऐसे में वह क्या करें।
एसपी से मिले किशोरी के माता-पिता
अल्ट्रासाउंड कराने के बाद किशोरी को लेकर माता-पिता एसपी अशोक कुमार मीणा के पास पहुंचे। उन्होंने एसपी से पूछा कि आखिर आरोपी कब पकड़े जाएंगे। गांव पहुंचने पर अधिकारियों ने 72 घंटे में गिरफ्तारी कराने का भरोसा दिया था।
एसपी ने उन्हें बताया कि पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं। जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। एसपी के अश्वासन पर माता-पिता किशोरी को लेकर लौट गए। पीड़ित पक्ष के युवक ने बताया कि एसपी ने शीघ्र गिरफ्तारी कराने का आश्वासन दिया है।
राजनीतिक परिवार की शरण में आरोपी
सूत्रों के अनुसार कमालगंज ब्लाक के राजनीतिक परिवार ने अपने गांव में आरोपी पूर्व प्रधान व उसके परिजनों को शरण दे रखी है। घटना के बाद दो दिन आरोपी पड़ोस के एक गांव में रहे, फिर राजनीतिक परिवार की शरण में पहुंच गए। वहां पुलिस अधिकारी भी दबिश देने से घबरा रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मामले को कहीं दूसरी तरह की राजनीति का रंग न दे दिया जाए। इसीलिए पुलिस सोच समझकर कार्रवाई कर रही है।
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आरोपी के कोल्ड स्टोरेज में नहीं आ रहे कर्मचारी व पल्लेदार
आरोपी पूर्व प्रधान शमीम सेठ के कोल्ड स्टोरेज से पुलिस ने चार दिन पहले कई लोगों को पकड़ा था। इसके बाद से कोल्ड स्टोरेज में सन्नाटा पसरा है। कर्मचारी और पल्लेदार काम पर नहीं आ रहे हैं। सोमवार को केवल मैनेजर विद्यासागर ही मौजूद थे। उन्होंने बताया कि व्यापारी आलू लेने आ रहे हैं। पल्लेदार न होने के कारण ट्रक लोड नहीं हो पा रहे हैं।
गांव में पुलिस का पहरा बरकरार
पतौंजा गांव में अभी पुलिस का पहरा है। आरोपियों के घरों के बाहर सन्नाटा पसरा है। शाम होते ही ग्रामीण घरों में दुबक जाते हैं।
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