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गंगा खतरे के निशान से 20 सेमी दूर, गांवों में कटान शुरू

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गांव हरसिंहपुर कायस्थ में भरे बाढ़ के पानी से गुजरते लोग। - फोटो : FARRUKHABAD
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फिर बढ़ी गंगा, खतरे से 20 सेमी दूर, गांवों में कटान शुरू
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फर्रुखाबाद। एक बार फिर से गंगा बढ़ने लगी है। मंगलवार को जलस्तर 10 सेमी बढ़ने के साथ खतरे के निशान से मात्र 20 सेमी दूर रह गई। इससे गांवों में भी कटान होने लगी है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ में फंसे लोगों की मुसीबतें भी बढ गई हैं।
गंगा में बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने से जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर 10 सेमी बढ़कर 136.90 मीटर पर पहुंच गया है जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 30 सेमी ऊपर है। 137.10 मीटर पर खतरे का निशान है। नरौरा बांध से गंगा में 78,319 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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इससे तटवर्ती गांवों में कटान शुरू होने के साथ ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। अमृतपुर क्षेत्र के करीब 30 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्लॉक शमसाबाद में 12 व कमालगंज क्षेत्र के छह गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। इससे ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। अभी तक उन्हें कोई भी सरकारी सहयोग नहीं मिला है।
बीमारियों की चपेट में आ रहे ग्रामीण
अमृतपुर। बाढ़ लोगों के लिए मुसीबत बनकर टूटी है। जहां कटान तेज हो गई है वहीं लगातार पानी भरे रहने से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
गंगा के किनारे बसे गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, कुड़री सारंगपुर, तीसराम की मड़ैया, जोगराजपुर, लायकपुर आदि गांव के पास कटान शुरू हो गई है।
हरसिंहपुर कायस्थ का प्राथमिक विद्यालय भी तेज धार में कटने लगा है। बाढ़ग्रस्त गांव ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, सुंदरपुर, नगला दुर्गू के ग्रामीण बीमार हो रहे हैं।
हरसिंहपुर कायस्थ निवासी श्यामजी, नीलेश, मोहित, रोहित कुमार, अंकित, जौहरी, होतेलाल, जगरूप, शंकरलाल, सोहनसिंह, राजेश, सुनील आदि लोग जुकाम-बुखार से ग्रस्त हैं।
15 दिन पहले स्वास्थ्य टीम आई थी, जो पड़ोस के गांव में बैठकर कुछ लोगों को दवा देकर चली गई। गंगा का जलस्तर बढ़ने व घटने से ग्रामीण भयभीत हैं। गांव आशा की मड़ैया, जोगराजपुर, रामपुर, तीसराम की मड़ैया, हरसिंहपुर कायस्थ आदि गांवों में आवागमन नाव के सहारे है।
फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट के पास डिप पर अभी पानी बह रहा है। लेखपाल प्रदीप माथुर, विकास दीक्षित ने नाव से गांव हरसिंहपुर कायस्थ पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों के हालचाल लिए। लेखपाल ने बताया है कि गांव में बाढ़ का पानी भरा है। लोगों को खाना बनाने के लिए जगह नहीं है।
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इसकी सूचना वह तहसीलदार को देंगे। रामगंगा में खो हरेली, रामनगर बांध से 42,131 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जोकि अब तक सबसे बड़ी मात्रा में है। इससे रामगंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ गांवों में कटान की भी आशंका है।
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