कायमगंज। अलीगंज रोड पर गांव न्यामतपुर ढिलावली के पास रोडवेज बस की टक्कर से जनपद एटा के दो भाइयों की मौत हो गई। दोनों भाई कानपुर में प्राइवेट नौकरी करते थे। बाइक से कानपुर जा रहे थे। सूचना पर पहुंचे परिजनों में कोहराम मच गया।
जनपद एटा थाना अलीगंज क्षेत्र के गांव सरौतिया निवासी उमेश दीक्षित का पुत्र अंकुर(30) व अंशू(24) कानपुर की एक कंपनी में नौकरी करते थे। दिवाली मनाने दोनों भाई अपने गांव आए थे। शुक्रवार सुबह दोनों बाइक से कानपुर जा रहे थे। अलीगंज रोड पर गांव न्यामतपुर ढिलावली के पास अचानक उनकी बाइक के सामने एक डग्गामार जीप आ गई। जीप से बचने के प्रयास में इनकी बाइक अनियंत्रित हो गई। तभी सामने आ रही एटा डिपो की अनुबंधित रोडवेज बस ने टक्कर मार दी। इससे दोनों गंभीर रूप घायल हो गए। अंकुर हेलमेट लगाए थे और बाइक चला रहे थे। अंशू पीछे बैठा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को सीएचसी भेजा, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अंशू के दो भाई व दो बहनें हैं। पिता गांव में खेती करते हैं। छोटा भाई सौरभ, बहन रुचि, मां सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टामार्टम के लिए भेज दिए। इंस्पेक्टर संजय मिश्रा ने बताया तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
कायमगंज। घटना के बाद पुलिस ने घायलों को अलग-अलग एंबुलेंस से इसलिए भेजा था। पहले घायल अंशू को इसके कुछ देर बाद दूसरी एंबुलेंस से अंकुर भेजा गया। अंशू को ले जाते समय करीब 30 मिनट तक एंबुलेंस रेलवे क्रासिंग बंद होने से खड़ी रही। ट्रेन गुजरने के बाद एंबुलेंस आगे बढ़ी। कुछ अंतर पर दोनों घायल सीएचसी पहुंचे थे। शायद घायल अंशू को जल्द इलाज मिलने से जान बच सकती थी लेकिन क्रासिंग पर देर लग गई। एंबुलेंस के चालक ने लोगों से पहले जाने की गुहार की, लेकिन वाहनों में फंसी एंबुलेंस को निकालने में और वक्त खराब हुआ।
कायमगंज। घटना के बाद बस के चालक व परिचालक बस छोड़कर भाग गए। बस में बैठी सवारियां काफी परेशान हुईं। वे अन्य वाहनों से अपने गंतव्य को गईं। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मंडी चौकी में खड़ी कर दी है।
कायमगंज। सीएचसी में एक साथ रखे अपने दोनों भाइयों के शव देखकर छोटा भाई सौरभ बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे छोटी बहन रुचि ने संभाला, बहन रुचि भी भाइयों की मौत पर बुरी तरह बिलख रही थी।
कायमगंज। अंकुर की मां सुनीता देवी ने बताया कि दोनों भाई दिवाली पर घर आए थे। तभी घर शादी के लिोए बातचीत हुई थी। एक युवती को शादी के लिए देखभाल कर आए थे। शादी की रस्म होने वाली थी।