अयोध्या। कोरोना संक्रमण की वजह से महीनों से बंद चल रहे स्कूल सोमवार से खुले तो बच्चों में उत्साह दिखा। दोस्तों और शिक्षकों के बीच पहुंचकर वो काफी उत्साहित नजर आए।
शासन के निर्देशों के अनुसार छोटे-बड़े लगभग सभी स्कूलों में कोरोना वायरस से बचाव के साधनों का उपयोग देखा गया। मुख्य द्वार पर बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग करके ही उन्हें प्रवेश दिया गया। हालांकि, पहले दिन लगभग सभी स्कूलों में उपस्थिति आधी रही।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर के चलते अप्रैल माह से ही जिले के माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित स्कूल बंद चल रहे हैं। इस अवधि में बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जा रही हैं।
संक्रमण कम होने के बाद आधी छात्र संख्या के साथ दो पालियों में कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों की कक्षाएं संचालित करने का फरमान जारी किया गया है। इसके अनुपालन में सोमवार से जिले के उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद व केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूल खोले गए।
कक्षाओं में पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष आधे बच्चों को ही बैठाया गया। कक्षाओं में दो गज की दूरी का अनुपालन कराते हुए बैठने का इंतजाम किया गया था। स्कूल पहुंचने पर मुख्य द्वार पर ही बच्चों व शिक्षकों की थर्मल स्क्रीनिंग करके हाथों को सैनिटाइज कराया गया।
इसके बाद उन्हें कक्षा में बैठाया गया। संक्रमण से बचाव के प्रति बच्चे भी सजग दिखे। काफी समय बाद अपने साथियों के साथ बैठकर पढ़ने का मौका मिलने पर विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। अधिकांश बच्चों ने स्कूल खोलने को लेकर सरकार के निर्देशों की सराहना किया।
ग्रामोदय इंटर कॉलेज रामपुर सरधा में कक्षा 9 से 12 तक दोनों पालियों में पंजीकृत 600 बच्चों के सापेक्ष 235 उपस्थित रहे। मुख्य द्वार पर ही सभी का तापमान मापने के बाद कक्षाओं में भेजा गया।
प्रधानाचार्य पीएन सिंह ने बताया कि तीन बार परिसर को सैनिटाइज कराया गया। कक्षाएं सुचारु रूप से संचालित की गई। किसी भी सामान को बच्चों में आपस में शेयर करने से रोका गया है।
शहर के उदया पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक पंजीकृत 957 बच्चों में से पहले दिन 420 विद्यार्थी ही उपस्थित रहे। दो गज की दूरी का अनुपालन कराते हुए कक्षा में बच्चों के बैठने का इंतजाम किया गया था।
प्रधानाचार्य जीवेंद्र सिंह ने बताया कि अभी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था शुरू नहीं की गई है। बच्चे अपनी व्यवस्था के तहत विद्यालय पहुंचे, जहां उनका तापमान मापने के बाद ही विद्यालय में भेजा गया।
डीआरएम पब्लिक स्कूल फिरोजपुर गंजा में पहले दिन 162 बच्चों के सापेक्ष सिर्फ 80 बच्चे ही उपस्थित रहे। संचालक तुषार तिवारी ने बताया कि विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें कक्षाओं में भेजा गया।
सभी कक्षाओं के बाहर सैनिटाइजर की व्यवस्था कराई गई थी। कक्षा में प्रवेश करने से पूर्व शिक्षक भी हाथों को सैनिटाइज करके ही जाते थे। एक कक्षा में 24 बच्चों के बैठने का इंतजाम किया गया था।
शहर के कनौसा कान्वेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज में पहले दिन कक्षा 9 से 12 तक लगभग 40 फीसदी उपस्थिति रही। प्रधानाचार्य सिस्टर शांता शर्मा ने बताया कि मास्क व सैनिटाइजर के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया गया।
अधिकांश बच्चे खुद भी सैनिटाइजर लेकर आए थे। पहले दिन बच्चों में भी उत्साह दीेखा गया। छात्रसंख्या कम थी, जो कि अगले दिन बढ़ने की संभावना है।
स्कूल खुलने पर पहले दिन सोमवार को शासन से नामित अधिकारी राकेश कुमार श्रीवास्तव ने जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश पांडेय के साथ जिले के विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस दौरान सभी विद्यालयों में कोरोना मानकों का अनुपालन पाया गया। डीआईओएस राकेश पांडेय ने बताया कि पहले दिन लगभग सभी स्कूलों में व्यवस्था ठीकठाक रही है। स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े होने के कारण नेटवर्किंग की समस्या थी। जिसकी वजह से ऑनलाइन पढ़ाई में काफी दिक्कत आती थी। विद्यालय में साथियों के साथ बैठकर के पढ़ने का आनंद ही कुछ और है। -अंशुमान, कक्षा-12
वैसे तो ऑनलाइन कक्षाओं में भी शिक्षक अच्छे ढंग से पढ़ाते थे, फिर भी कक्षाओं में बैठकर पढ़ने की बात कुछ और होती है। किसी भी तरह की शंका का समाधान कक्षा में बेहतर ढंग से होता है। -प्रगति, कक्षा-12
नेटवर्क खराब होने की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई खानापूर्ति तक रह जाती थी। अधिकांश पार्ट समझ में नहीं आता था, जिसके लिए परेशान होना पड़ता था। स्कूल खुलने से काफी राहत महसूस हो रही है। -सचिन, कक्षा-11
ऑनलाइन पढ़ाई और ऑफलाइन पढ़ाई में बहुत अंतर होता है ऑनलाइन पढ़कर संतुष्टि जरूर मिल रही थी, किसी विषय में कभी-कभी शंकाएं अधिक हो जाने पर उनका समाधान आसानी से नहीं मिल पा रहा था। -शुभी, कक्षा-11
आज स्कूल खुलने पर हम अपने पुराने सहपाठियों से मिले। अपने अध्यापकों से मिलकर बहुत खुशी और संतोष हुआ। स्कूल में पढ़ाई करने का आनंद ही कुछ और है। -वर्षा, कक्षा 10
ऑनलाइन क्लास में कभी-कभी नेटवर्क की स्पीड खराब हो जाने से काफी कुछ निकल जाता था, जिसे दोबारा समझ पाना कठिन हो जाता था। शिक्षकों के साथ बैठकर अपेक्षाकृत अधिक समझ में आता है। -अंजलि, कक्षा 10
फोटो-14 :ऑनलाइन कक्षा में नेटवर्क की वजह से हम लोगों को थोड़ी असुविधा होती थी। अब स्कूल खुलने से वह समस्या दूर हो गई। आज अपने शिक्षकों और साथियों से मिलकर अत्यंत खुशी हुई। -सुधा पटेल
फोटो-13 - हम सब ऑनलाइन क्लास पहले से ही ले रहे थे, परंतु स्कूल में पढ़ाई की बात ही अलग है। स्कूल में प्रैक्टिकल नॉलेज भी प्राप्त करते हैं। समस्या होने पर शिक्षक से सीधे पूछ लेते हैं। -श्वेता वर्मा
अयोध्या स्कूल के पहले दिन क्लास में मौजूद बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या डीआरएम स्कूल में स्कूल के पहले दिन मौजूद बच्चे- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या उदय पब्लिक स्कूल में बच्चों के प्रवेश के पूर्व थर्मल स्कैनिंग कर बच्चों को प्रवेश कराते ?- फोटो : FAIZABAD