लवेदी। संपर्क मार्ग न बनने से यमुना नदी पर कंधेसीघार का नवनिर्मित पुल पर पूरे एक साल बाद भी आवागमन के लिए शुरू नहीं हो सका है। सेतु निगम ने अपने हिस्से का पुल तो बनाकर खड़ा कर दिया, लेकिन लोक निर्माण विभाग की हीलाहवाली से संपर्क मार्ग नहीं बन सका है।
पुल के दोनों ओर बामुश्किल चार किमी की सड़क बननी है। पुल तैयार हुए एक साल का समय बीत गया, लेकिन संपर्क मार्ग अभी तक नहीं बन सका है। लंबे समय तक चली जद्दोजहाद के बाद अब कंधेसीघार यमुना नदी पुल का काम तो पूर्ण हो चुका है।
पुल के पास से निकली विद्युत लाइन को शिफ्ट करने की अनुमति भी मिल गई है। साथ ही बहादुरपुर घार की तरफ से सड़क भी बनकर तैयार हो गई है। राहगीरों के पेयजल के लिए पूर्व प्रधान महेश सिंह चौहान व पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अंशू सिंह चौहान ने हैंडपंप भी लगवा दिया है।
यहां पुल के पास से गुजरी लाइन को हटाने का अनुमोदन भी लोक निर्माण विभाग को मिल चुका है, लेकिन अभी इसे हटाने का काम शुरू नहीं किया गया है।
यमुना नदी के उस पार से सड़क निर्माण के लिए गिट्टी व डस्ट डालकर रोलर चलाने का काम कराया जा रहा है। बीच में मिट्टी बैठने के कारण गड्ढ़ा भी हो गया है, लेकिन संपर्क मार्ग नहीं बन सका है।
इस क्षेत्र के नवादा, चिंडौली, प्रहलादपुर, नदगवां, विलहटी, बहादुरपुर, डबहा, मूसेपुरा, बिधीपुरा, असदपुर, ईकरी, तुर्कपुरा, पहाड़पुरा, मड़ौली, लखना दाउदपुर, सब्दलपुर, टकरूपुर के ग्रामीणों का सफर पुल से होकर सुलभ होगा।
उनको चकरनगर व इटावा होकर भिंड मध्यप्रदेश नहीं जाना पडे़गा, साथ ही समय की भी बचत होगी। इसके लिए अब नए साल का इंतजार करना पड़ेगा।
अभी सेतु निगम को पुल की एप्रोच स्लैब का काम करना है। पावर कारपोरेशन से लाइन हटाने का अनुमोदन मिल चुका है। सड़क पर गिट्टी और डस्ट डालने का काम किया जा रहा है।
साथ ही रोलर चलाकर समतल बनाने का काम चल रहा है। अब नव वर्ष की शुरुआत में पुल के प्रारंभ होने के आसार हैं।
- गगन पाल, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी