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हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाएं देश को गृहयुद्घ में झोकने की साजिश

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शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती। संवाद - फोटो : ETAWAH
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इटावा। रामनवमी और हनुमान जन्मोत्सव पर देश में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा और पत्थरबाजी खुफिया विफलता व देश विरोधी ताकतों की साजिश है। ऐसी ताकतें देश को गृह युद्ध की ओर ले जाना चाहती हैं। यह बात आदि जगद्गुरु शंकराचार्य संस्थान सुमेरुमठ काशी के शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कही।
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राहतपुर स्थित श्री शंकर धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय परिसर में शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू समाज व हिंदू संस्कृति को खंडित करने के लिए भारत विरोधी शक्तियां सिर उठाने लगी हैं। इनमें अलगाववादी, आतंकवादी सोच रखने वालों के साथ राजनीतिक एवं खुफिया तंत्र के कुछ लोग भी शामिल हैं। वर्ना क्या बात है कि दिल्ली में दंगे की साजिश की जानकारी खुफिया विभाग को नहीं हो पाई। ऐसे लोगों की पहचान करके कार्रवाई की जानी चाहिए।
शंकराचार्य ने कहा, देश की एकता, अखंडता, समृद्धि के लिए समान नागरिकता संहिता और जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत है। रोहिग्या तथा बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर देश से निकाला जाना चाहिए।
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उन्होंने हिंदू संस्कृति मानने वाले सभी हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध आदि से एकजुट होकर देश को तोड़ने वाली ताकतों का मुकाबला करने की अपील की। कहा कि महंगा मोबाइल न खरीदें, पर आत्मरक्षा के लिए घर में मां दुर्गा, भगवान शिव, विष्णु, राम, कृष्ण, हनुमान की तरह कोई शस्त्र जरूर रखें। महेश चंद्र तिवारी अलकापुरी, श्याम सुंदर दीक्षित, केके त्रिपाठी, राम मनोहर दीक्षित, डॉ. कैलाश तिवारी, घनश्याम तिवारी, दीपेश तिवारी, रघुवीर यादव, हरिदत्त दीक्षित, ने शंकराचार्यजी का स्वागत किया।
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