इटावा। दस दिन बाद यानी एक अप्रैल से नई मंडी इटावा, भरथना और जसवंतनगर की तीनों मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू होगी, लेकिन अभी तक मंडियों में पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई है।
शहर में फर्रुखाबाद रोड स्थित नई मंडी परिसर में पेयजल की समस्या है। मंडी में आठ हैंडपंप और 20 हैंडपोस्ट नल लगे हैं। यहां सिर्फ दो हैंडपंप चालू हालत में हैं। दो में सबमर्सिबल लगा दिए गए हैं, जबकि अन्य खराब हैं। मंडी परिसर में सेंट्रल बैंक, बगल में उप डाकघर व सामने पुलिस चौकी के सामने लगा हैंडपंप भी खराब है।
मंडी परिसर में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए लगाए गए करीब 20 हैंडपोस्ट नलों की स्थिति भी बदतर है। पानी न आने की वजह से इन हैंडपोस्टों में किसी की टोटी गायब है तो किसी का नल ही झुका पड़ा है। कई का पूरा ढांचा ही धराशायी होकर जमीन पर पड़ा है।
आढ़ती सतीश यादव का कहना है मंडी में पानी की गंभीर समस्या है। बाहर से पानी मंगाना पड़ रहा है। नवरात्र से पहले आढ़त पर गेहूं की आवक शुरू हो जाएगी। ऐसे में किसानों के लिए बाहर से ही पानी मंगाना पड़ेगा। व्यापारी अब्दुल जब्बार राईनी का कहना है मंडी में पीने के पानी की समस्या है। खराब हैंडपंपों को ठीक कराया जाए, जिससे लोग खुद ही हैंडपंप चलाकर ठंडा पानी पी सकें। जगह-जगह पानी की टंकियां रखवाई जाएं।
इस संबंध में मंडी सचिव सत्यवीर सिंह का कहना है मंडी में पेयजल की समस्या समय रहते दूर करने का प्रयास किया जाएगा। मंडी में जो हैंडपोस्ट नल लगे हैं, उनमें दो-दो घंटे सुबह-शाम सबमर्सिबल के जरिये पेयजल की सप्लाई की जाती है। खराब हैंडपंप सही कराएंगे।
जसवंतनगर मंडी में पेयजल के लिए लगे छह हैंडपंपों में से केवल एक ही पानी दे रहा है। मंडी में रोजाना एक हजार से ज्यादा लोग आते हैं। इनमें किसान, आढ़ती तथा पल्लेदार शामिल हैं। इन्हें पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। मंडी में गल्ले व सब्जी की आढ़त है। गेहूं खरीद केंद्र भी खुलने वाले हैं, लेकिन मंडी में पेयजल की किल्ल्त दूर होने का नाम नहीं ले रही है। व्यापारी बटेश्वरी दयाल प्रजापति, राजू ठाकुर, इंद्रकांत, हाकिम सिंह, संतोष गुप्ता, लालाराम ने बताया पानी की किल्लत के लिए मंडी सचिव तथा प्रशासन से कई बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
धीरे-धीरे गर्मी बढ़ती जा रही है। बताया व्यापारियों के लिए पीने का पानी बाहर से पानी मंगाना पड़ता है। मंडी में पानी की बड़ी टंकी है, लेकिन टोटियां अराजक तत्वों ने तोड़ दी हैं, जिसे सही कराने की जरूरत है। आढ़तिया इंद्रकांत पांडेय का कहना है पानी की भारी किल्लत है, जो टंकी लगी है वह भी टूटी है। टोटियां गायब हैं। मंडी समिति के लोग पानी पीने के लिए परेशान हैं उन्हें मंडी के बाहर जाना पड़ता है।
मंडी समिति के सचिव सत्यवीर सिंह ने बताया जल्द ही खराब हैंडपंपों का रीबोर कराएंगे। मंडी में मंदिर के पास टंकी रखवाई है, जिससे आने जाने वाले लोग पानी ले सकते हैं।
भरथना मंडी परिसर में पीने के पानी के लिए 13 हैंडपंप हैं, लेकिन इनमें से एक हैंडपंप बालू उगल रहा है। पाइप लाइन में लीकेज की वजह से नल पोस्ट में पानी नहीं आ रहा है। ज्यादातर नल पोस्ट में टोटी नहीं है। मंडी आने वाले किसानों के लिए परिसर में वाटर कूलर तक नहीं हैं।
इस वजह से भीषण गर्मी में मंडी आने वाले किसानों को परेशानी होगी। इस संबंध में मंडी सचिव अनिल कुमार ने बताया सीजन में किसानों की संख्या बढ़ जाती है। गेहूं की आवक शुरू होने पर किसानों की संख्या रोजाना 50 से 200 तक हो जाती है। परिसर में पीने के पानी के लिए हैंडपंप की व्यवस्था है। पानी की टंकी की पाइप लाइन की लीकेज है। इसे ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है। परिसर में वाटर कूलर नहीं लगा है।