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रोगी की चिंता इलाज क्या करें: निजी पैथोलॉजी की जांच में निकला मलेरिया, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में सब ठीक

Sun, 03 Sep 2023 05:32 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

एटा में निजी पैथोलॉजी की जांच में मलेरिया निकला तो स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में सब ठीक आया। अब रोगियों की चिंता यह है कि वह इलाज क्या करें ? सामान्य बुखार की दवा लें या फिर मलेरिया का कोर्स करें, वह इसी में उलझे हुए हैं। 
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डेंगू-मलेरिया वार्ड (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के एटा में बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में शिविर लगा बुखार पीड़ितों की जांच कराई जा रही है, लेकिन रिपोर्ट सभी की निगेटिव आ रही है। आंकड़ों की बात करें तो 11 गांवों में पांच दिनों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इस दौरान 1491 बुखार पीड़ितों की मलेरिया की जांच हुई, सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि प्राइवेट पैथोलॉजी लैब पर लगातार मलेरिया और डेंगू के केस मिल रहे हैं। ऐसे में लोग जांच को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

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मेडिकल कॉलेज सहित सीएचसी-पीएचसी तक प्रतिदिन 700 से 800 बुखार पीड़ित इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा निजी नर्सिंग होम सहित क्लीनिकों पर बुखार के पीड़ितों की भरमार है। जांच प्राइवेट पैथोलॉजी की हो तो प्रतिदिन बुखार से ग्रसितों को मलेरिया व रैपिड कार्ड से डेंगू निकल रहा है। डेंगू एलाइजा की रिपोर्ट को ही स्वास्थ्य विभाग सही मान रहा है। 

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डेंगू के केस एलाइजा जांच में सामने आ रहे हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी-पीएचसी पर मलेरिया के केस की पुष्टि नहीं की जा रही है। बात की जाए प्राइवेट लैब की तो प्रतिदिन बुखार से ग्रसितों में मलेरिया निकल रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार से शनिवार तक जिले के 11 गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाए गए। इस दौरान 1491 बुखार पीड़ितों की मलेरिया की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।

केस एक : प्राइवेट लैब पर दोनों बार आया मलेरिया

गांव महानमई निवासी सुजीत को बुखार आ रहा था। प्राइवेट लैब पर उसकी जांच कराई गई, इसमें मलेरिया बताया गया। सोमवार को गांव में स्वास्थ्य शिविर लगा। जांच कराई गई, वहां मलेरिया नहीं बताया गया। बुखार सही नहीं हुआ। शहर में दिखाकर दवा ली। यहां जांच हुई तो रिपोर्ट में फिर मलेरिया आया।

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केस दो : शिविर में जांच सामान्य, लैब में मलेरिया

गांव चुरथरा निवासी श्रीकृष्ण ने बताया तीन दिन से बुखार आ रहा है। शुक्रवार को गांव में स्वास्थ्य शिविर में जांच की गई। सभी रिपोर्ट निगेटिव बता दी गईं। बुखार ठीक नहीं हुआ। शनिवार को गांव में ही जांच कराई रिपोर्ट में मलेरिया आया। हालत ठीक नहीं है। अब यहां इलाज कराने आए हैं।

सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने कहा कि बुखार की जिस गांव से सूचना मिलती है, स्वास्थ्य विभाग की टीम शिविर लगाकर उपचार करती है। बुखार पीड़ितों की जांच कराती है। प्राइवेट लैब वाले जांच में मलेरिया बता रहे हैं, स्वास्थ्य टीम की जांच में मलेरिया नहीं आ रहा है। यह जांच का विषय है कि प्राइवेट वाले किस कार्ड से जांच कर रहे हैं। ऐसा तो नहीं, गलत रिपोर्ट दे रहे हैं। मामले की जांच कराई जाएगी।
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