दिवाली मेले में कवि सम्मेलन के दौरान काव्य पाठ करतीं कवियत्री। संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। दिवाली मेला में नगर पालिका की ओर से शनिवार रात कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें मंडल के कवियों ने प्रतिभाग किया। हास्य, व्यंग्य रस, वीर, शृंगार आदि रस की रचनाओं के माध्यम से कवि-कवियत्रियों ने लोगों से वाहवाही लूटी। कविता के माध्यम से किसानों के हालातों को भी बयां किया। कवि सबरस मुरसानी की रचना, ऊंचा है हिंद गगन से जोशीला पवन अगन से, मत उलझो मेरे वतन से नहीं तो मर जाओगे कसम से खूब सराही गई।
कवि सम्मेलन का उद्घाटन जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल ने किया। पीलीभीत से आईं कवियत्री एकता भारती ने मातृ वंदना के बाद पढ़ा, बिना मिलन के कैसे सच्ची प्रीत निभाई जाती है। सत्यवीर सिंह मस्ताना ने किसानों के हालात बयां करते हुए कहा कि श्रोताओं हम तुम्हें सुनाएं गाथा एक किसान की, जिसकी ही दम पर पलती है जनता हिंदुस्तान की। बलराम सरस, देवेंद्र दीक्षित, राजेश चंद्र जैन, डॉ. अजय अटल, गौरव चौहान, विपिन शर्मा, कवियत्री रजनी सिंह अवनि, सीमा पुंढीर ने काव्यपाठ किया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप जैन, पूर्व चेयरमैन राकेश गांधी, ईओ डॉ. दीप वार्ष्णेय, संयोजक राजेश कुमार भरत, राकेश कुमार, मुन्नालाल राम, हर्षवर्धन, दिव्यकांत, यशवीर आदि मौजूद रहे।