पिता शिवराज सिंह ने बताया कि शनिवार की रात करीब 10 बजे अलीगढ़ के लिए ट्रक लेकर निकला था, लेकिन तड़के करीब पांच बजे बेटे के गोली लगने की सूचना मिली। जब तक मेडिकल कॉलेज आए तब तक मौत हो चुकी थी। वीडियो कॉल किससे की जा रही थी, यह जानकारी नहीं है।
प्रभारी निरीक्षक शंभूनाथ सिंह ने बताया कि हाईवे पर रात में पेट्रोलिंग टीम घूमती है, कोई खड़ा वाहन दिखता है तो उससे पूछताछ की जाती है। ट्रक खड़ा पाया गया तब टीम पहुंची, ट्रक से कराहने की आवाजें आ रहीं थीं और अंदर से लॉक था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
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पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चालक को बाहर निकाला और मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। यहां पर चिकित्सकों ने कुछ समय उपचार किया लेकिन इलाज के दौरान ही मौत हो गई। बताया कि फोन में वीडियो कॉल चल रही थी, फोन को कब्जे में लिया है। शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजन को सौंप दिया है।