एटा। जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत कर दिया गया है। विशेषज्ञ चिकित्सक भी आ गए है, लेकिन व्यवस्थाएं जस की तस बनी हुई है। यहां दो दिन से पैथॉलॉजी लैब में लिवर व किडनी जांच की मशीन खराब है। इससे मरीज परेशान हो रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में मरीजों को लिवर, किडनी सहित अन्य खून की जांच कराने की जरूरत होती है। लेकिन अस्पताल में बनी पैथॉलॉजी लैब में दो दिन से लिवर, किडनी, टायफाइड, ब्लड ग्रुप की जांचें बंद हैं। मरीजों को मजबूर निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।
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टायफाइड की नहीं किट
बरसात के मौसम में टायफाइड का खतरा बढ़ जाता है। इस समय भी लोग तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। लेकिन अस्पताल में दन दिनों से टायफाइड की जांच के लिए किट ही उपलब्ध नहीं है।
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बोले मरीज...
पेट में दर्द की समस्या है, उल्टियां हो रही हैं। डॉक्टर को दिखाया, उन्होंने जांच के लिए लिखा। लेकिन कर्मचारियों ने मशीन खराब होने की बात कही है।
सचिन, धुमरी
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तीन दिन से बुखार आ रहा है, मलेरिया व टायफाइड की जांच के लिए डॉक्टर ने लिखा है। लैब में बताया गया कि मलेरिया की जांच हो जाएगी, टायफाइड की जांच नहीं हो पाएगी।
संजीव, आनंदपुरी
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वर्जन
मशीन की खराबी की जानकारी संबंधित कंपनी को दे दी गई है। एक-दो दिन में इंजीनियर आकर सही करेंगे। वहीं टायफाइड जांच संबंधी सामान के लिए ऑर्डर भेजा गया है।
- डॉ. राजेश अग्रवाल, सीएमएस