कागज में चल रहा मिनी पोषण पुनर्वास केंद्र, न स्टाफ न ही दवा का इंतजाम
पथरदेवा/बघौचघाट। सीएचसी पथरदेवा में खुला पोषण पुनर्वास केंद्र स्टाफ के अभाव में बंद पड़ा है। अब तक उपस्थिति रजिस्टर तक नहीं बन पाया है। यह केंद्र यूनिसेफ की जांच में पूर्ण रूप से फेल साबित हुआ। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने पथरदेवा सीएचसी पर चार बेड का मिनी पोषण पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन किया था। अब तक केंद्र शुरू नहीं हो पाया है।
डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार को केंद्र की जांच में यूनिसेफ के मंडलीय समन्वयक सुरेश तिवारी पहुंचे तो पोषण केंद्र की पोल खुल गई। केंद्र पर न स्टाफ नर्स हैं और न ही रसोइया। स्वीपर व केयर टेकर की भी तैनाती नहीं हुई है। यहां तक कि बच्चों के लिए किसी तरह की दवा भी उपलब्ध नहीं है। वहीं केंद्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में इसे लेकर किसी तरह का प्रचार-प्रसार तक नहीं किया जा रहा है। केंद्र के लिए बना शौचालय गंदगी से भरा पड़ा है। समन्वयक ने इस पर नाराजगी जताई। समन्वयक ने पोषण केंद्र के बारे में जानकारी मांगी तो फार्मासिस्ट शमशाद ने अनभिज्ञता जताई। फार्मासिस्ट को किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। प्रभारी डॉ. एके सिंह ने समन्वयक को बताया कि इस केंद्र के संचालन के लिए अब तक कोई नियुक्ति नहीं हो सकी है और हमारे पास स्टाफ की कमी है, जिसकी वजह से यह केंद्र शुरू नहीं हो पाया है। जांच के बाद समन्वयक ने बताया कि जिलाधिकारी को रिपोर्ट देकर केंद्र की सच्चाई बताऊंगा और इसे शुरू कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इस केंद्र पर 1 से 6 वर्ष के कुपोषित बच्चों को सही मेन्यू के तहत भोजन व दवा देकर कुपोषण से बचाना है।