आदेश के बाद भी आश्रम के चरागाह से नहीं हटा कब्जा
पीठाधीश्वर ने बताया भूमाफिया से जान का खतरा, लगाई प्रशासन से गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
मईल। देवरहा बाबा आश्रम व चरागाह की जमीन पर अवैध कब्जा खाली कराने का जिला प्रशासन का दावा फेल साबित हो रहा है। आश्रम के पीठाधीश्वर श्यामसुंदर दास ने भूमाफिया से जान का खतरा बताते हुए शासन और प्रशासन से अवैध कब्जा हटवाने व सुरक्षा की गुहार लगाई है।
जनपद के दक्षिणांचल के सरयू तट पर योगिराज देवरहा बाबा की तपोस्थली है। वहां पर गोवंशों के चारे के लिए सैकड़ों एकड़ चरागाह है। इस पर भूमाफिया हर साल कब्जा कर गेहूं की बुवाई कर लाखों रुपये की फसल बेचते हैं। तत्कालीन डीएम अमित किशोर के प्रयास से चरागाह की जमीन पर अवैध कब्जा को प्रशासन की ओर से खाली कराया गया था। कुछ लोगों पर भूमाफिया व गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई भी हुई थी। अवैध रूप से बोई गई फसल को प्रशासन ने कटवा कर जब्त कर लिया था। फिर भी वे कब्जा करने से डर नहीं रहे हैं। पीठाधीश्वर ने शासन-प्रशासन को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया है कि कुछ दबंग व भूमाफिया जो मईल, मईलौटा, देवसिया गांव व बलिया जिले के निवासी हैं, अवैध रूप से आश्रम की जमीन व चरागाह की जमीन पर जुताई कर कब्जा कर रहे हैं। मना करने पर आश्रम के अंदर आकर अभद्र भाषा का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मेरे साथ कोई भी अनहोनी घटना घट सकती है। पीठाधीश्वर का आरोप है कि लेखपाल व राजस्व अधिकारी भी भू-माफियाओं से मिले हुए हैं और उन पर कार्रवाई करने से डरते हैं। चरागाह की जमीन खाली न रहने से आश्रम की गायों और क्षेत्र के दर्जनों गांवों की गायों व पशुओं के सामने चारे की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस संबंध में बरहज के एसडीएम ध्रुव शुक्ला ने बताया कि मामला संज्ञान में है। चरागाह व आश्रम की जमीन पर किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। कब्जा करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।