देवरिया। फोटो स्टूडियो संचालक विद्याभास्कर जायसवाल की हत्या को शुक्रवार को सात दिन हो गए। पुलिस न तो हत्यारोपी आलम को खोज पाई और न ही साथियों को। अलबत्ता दीवानी कचहरी में सादे वर्दी में तैनात होकर दिन भर आलम के आने की राह देखती रहती है। खबर तो यह भी है कि हत्यारोपी आलम राजनैतिक संरक्षण में है। पुलिस उसे गोरखपुर मंडल के जिलों में खोज रही हो, लेकिन उसके दिल्ली जाने की बात सामने आ रही है।
व्यापारियों के 72 घंटे का अल्टीमेटम बुधवार की रात को ही पूरा हो गया था। गुरुवार को उन्होंने 24 घंटे की पुलिस को और मोहलत दी थी। पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि हत्यारोपी किसी मांद में क्यों न छिपा हो, उसे खोज निकाला जाएगा। 24 घंटे की मियाद भी पूरी हो गई। पुलिस जहां से चली थी, वहीं पर रुकी हुई है। चूंकि पुलिस का मुखबिर तंत्र कमजोर हो चुका है और सर्विलांस के सहारे ही वह अपराधियों तक पहुंचने का काम करती है। आलम के मोबाइल बंद कर देने से पुलिस का सर्विलांस भी फेल है। सूत्र बताते हैं कि आलम के पास जो मोबाइल सेट और सिम था, वह दूर हटा दिया है। अब नए सिम और मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है। घर न बात कर दूर-दराज के परिचितों से पुलिस की गतिविधि की जानकारी ले रहा है। बताया तो यह भी जा रहा है कि दो दिन पहले तक वह देवरिया जिले में ही था। जिस दिन पुलिस कुशीनगर में उसे खोज रही थी, उस दिन वह रामपुर कारखाना इलाके में ही रहा। दो दिन पहले उसके लखनऊ जाने की सूचना है। वहां से वह दिल्ली की ओर चला गया है। आलम की गिरफ्तारी न होने से व्यापारियों में आक्रोश बढ़ने लगा है। यदि पुलिस की यही कार्यप्रणाली रही तो आने वाले दिनों में परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इनसेट में-
नान पेमेंट में कट गया टेलीफोन
देवरिया। सर्विलांस टेलीफोन कनेक्शन नान पेमेंट में गुरुवार को कट गया। यही फोन सर्विलांस पर लगा हुआ था। सर्विलांस न चलने से पुलिस के आलाधिकारी बेचैन हो गए। चूंकि इन दिनों जिले में ताबड़तोड़ अपराध हो रहे हैं, ऐसे में अपराधियों पर नजर रखने के लिए सर्विलांस का 24 घंटे रन करना बेहद जरूरी है। शुक्रवार को टीडीएम आफिस में पुलिस अधिकारियों के फोन घनघनाते रहे। दुहाई दी जा रही थी कि नंबर जोड़ दिया जाए। सिफारिश तो दो नंबर की हो रही थी, लेकिन संबंधित कर्मचारी ने कहा कि जो जरूरी हो वहीं बताएं, तब बताया कि सर्विलांस वाले नंबर को जोड़ दिया जाए।