जहांगीराबाद क्षेत्र की शमा हैंडलूम फैक्ट्री शुक्रवार को सील कर दी गई। यह कार्रवाई एसडीएम बिसवां ने की। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी कि फैक्ट्री का केमिकल युक्त पानी गांव के तालाब में छोड़ा जा रहा है। इससे तालाब की मछलियां मर गईं। नलों में भी दूषित पानी आ रहा है।
जहांगीराबाद में कई वर्षों से शमा हैंडलूम नाम से दरी फैक्ट्री चल रही थी। फैक्ट्री में कपड़ों की चिंदियों से दरियां बनाकर बाहर भेजी जाती हैं। दरी बनाने से पहले चिंदियों की जहरीले केमिकल से धुलाई और फिर रंगाई होती है।
इसके बाद यह केमिकल युक्त पानी पास के दो तालाबों में डाला जा रहा है। ये दोनों तालाब कस्बे की आबादी से मिले हुए हैं तथा इन तालाबों में लोग जानवरों को स्नान कराते थे तथा पुताई आदि के लिए मिट्टी निकालते थे।
लगातार केमिकल युक्त पानी डाले जाने से तालाब का पानी प्रदूषित हो गया है। इससे तालाबों की मछलियां और अन्य जंतु भी नष्ट हो गए। पिछले दस सालों से ग्रामीणों ने कई बार पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत तमाम उच्चाधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शुक्रवार को उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव, तहसीलदार सर्वरीश मिश्रा, क्षेत्रीय लेखपाल अरविंद मिश्र व थानाध्यक्ष सदरपुर सचिन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और फैक्ट्री में छापा मारकर उसे सील कर दिया। उप जिलाधिकारी ने फैक्ट्री मालिक से एनओसी प्राप्त करने तक फैक्ट्री को बंद रखने को कहा है।