देवरिया जिले की पुलिस ने किया गिरोह का पर्दाफाश।
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देवरिया पुलिस ने पूर्वांचल का एक ऐसा गिरोह पकड़ा है, जो पहले लोगों से हाथ मिलाते हैं। ठग अपने हाथों में एमसिल केमिकल लगाए रहते हैं। हाथ मिलाने के दौरान अंगूठे का निशान उनके हाथ लग जाता है। फिर वे अंगूठे के क्लोन खाते से लाखों की रकम उड़ा देते हैं। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को 52 हजार रुपये और अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किया है। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का इनाम और प्रशस्ति पत्र देने की बात कही है। एसपी डा.श्रीपति मिश्र ने पुलिस लाइन में बताया कि कुछ दिन पहले दो लोगों ने शिकायत की थी कि उनके खाते से रुपये उड़ा लिए गए हैं। साइबर सेल की जांच में पता चला कि दोनों मामले में अंगूठे का क्लोन बना कर रुपये निकाले गए हैं। जांच के दौरान पुलिस ने रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के कमधेनवा गांव निवासी अच्छे लाल, विशाल साहनी, प्रदीप साहनी और गिरोह का सरगना सोनू यादव निवासी शंकरपुर थाना बैकुंठपुुर जनपद गोपालगंज बिहार को हिरासत में लिया तो इस गिरोह की तह तक पुलिस पहुंच गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में घूम कर लोगों को सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाने के नाम पर नजदीकियां बढ़ाते थे। जाते वक्त हाथ मिलाकर एमसिल केमिकल्स के गोल पर उनके अंगूठे का निशान ले लेते थे। उसका क्लोन बना लेते थे। इनेबल बैंकिंग एप के जरिए आधार कार्ड का क्लोन बना कर दूसरे खाते में रुपये को ट्रांसफर कर देते थे। इनके पास से पुलिस ने 17 अंगूठा क्लोन, एम सिल पैकेट, पांच मोबाइल फोन, थम्ब इम्प्रेशन मशीन, फेविकोल, सरसों का तेल और 52 हजार रुपए बरामद किया है। इन सभी के खिलाफ रामपुर कारखाना और बघौचघाट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस दौरान सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
इस तरह उड़ाते हैं रुपये कि नहीं लगती थी भनक
सोनू चेन्नई में वेल्डिंग का काम करता था, वहीं पर अजित नामक व्यक्ति से मुलाकात हुई। इसके बाद सबसे पहले जिस मकान में रहता उसके खाते से रुपए उड़ाने में सफल हो गया और यही से इस काम में लग गया। सोनू अपने मित्रों के गांव जाता था और किसी बहाने से किसी का मोबाइल फोन लेने के बहाने या फिर जाते समय अपने हाथ में एम-सिल (लिकेज जोड़ने का केमिकल्स) अपने हाथ लगा लेते था। इसी पर हाथ मिलाते समय अंगूठे का निशान चालाकी से लेता था। कुछ देर बाद एमसिल सूखने पर पत्थर की तरह कठोर हो जाता था तो सरसों का तेल लगाकर निकाल देता। चमड़े की तरह हो जाने पर फेविकोल लगाकर थम्ब मशीन से स्कैन कर एनेबल बैंकिंग के जरिए रुपए निकाल लेते थे। रो-रो कर पीड़ित ने बताया कि साहब घर वालों से भी नहीं बताया था, रात को नहीं आती थी नींद।
खुलासा करने वाले टीम
साइबर सेल के निरीक्षक अश्वनी राय, दरोगा मुकेश मिश्र, शिवमंगल, प्रद्युमन जायसवाल, दीपक सोनी, प्रियंका, एसओ रामपुर कारखाना मनोज कुमार, बघौचघाट के एसओ नरेंद्र प्रताप राय, दरोगा रविंद्र कुमार आदि रहे।