मंदाकिनी नदी की सफाई में जुटे कर्मचारी व मजदूर। संवाद
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चित्रकूट। जीवनदायनी मंदाकिनी नदी के लगातार सिकुड़ने व प्रदूषित होने को लेकर समाजसेवी से लेकर जनप्रतिनिधि चिंता तो जताते हैं पर ठोस योजना के तहत काम न होने पर स्थिति मेें सुधार नहीं हो रहा है। इसमें सुधार के लिए अब मंदाकिनी में गिरने वाले मठ मंदिरों व अन्य प्रतिष्ठानों के नालों पर रोक लगाने के लिए नोटिस जारी की गई है। जिन नालों का पानी सीधे मंदाकिनी नदी में गिरता है, उन होटल मालिकों एवं मठ मंदिर की संस्थाओं को नोटिस दे दी गई है।
चित्रकूट मप्र के एसडीएम ऋषि नारायण ने बताया कि स्वच्छता प्रभारी प्रभात सिंह व कुंज बिहारी की देखरेख में 50 से अधिक स्वच्छता कर्मचारियों ने मंदाकिनी नदी को साफ करने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि मंदाकिनी की सफाई के लिए लंबे अरसे से प्रोजेक्ट शासन को भेज रहे थे। मंजूरी मिलने के बाद अब रविवार से मंदाकिनी नदी का सफाई अभियान कार्यक्रम शुरू करा दिया गया है।
इससे पहले उन्होंने दो महीने पहले से बंद गंगा आरती को शुरू कराया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 10 अप्रैल को मंदाकिनी नदी में हो रहे दीप उत्सव कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। सतना जिला प्रशासन ने भरत घाट से सफाई अभियान तेज कर दिया है।
यहां मंदाकिनी नदी में लंबे अरसे से जमे खरपतवार को निकाला जा रहा है। नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि मंदाकिनी नदी में गिर रहे सीधे नालों को जल्द प्रतिबंधित दिया जाएगा। जिन नालों का पानी सीधे मंदाकिनी नदी में गिरता है उन होटल मालिक एवं मठ मंदिर संस्था को नोटिस दे दी गई है।