पीडीडीयू नगर। कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिल्डिंग मैटेरियल की कीमतें काफी बढ़ी हैं। खासकर बालू की कीमत आसमान छू रही है। स्थिति यह है कि बालू अब दोगुना दाम पर बिक रहा है। मार्च में जहां एक ट्रैक्टर ट्राली बालू की कीमत 4000-4500 रुपये थी, वहीं अब यह 8000-8500 रुपये प्रति ट्राली हो गयी है। बालू के दाम बढ़ने से लोगों ने भवन आदि निर्माण काम फिलहाल स्थगित कर दिया है। सभी बालू के सस्ते होने का इंतजार कर रहे हैं।
बिहार के सोन नदी से उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बालू की आपूर्ति हाती है। पिछले आठ महीने से सोन नदी के बालू का टेंडर ही नहीं हुआ है। इस वजह से लाल बालू के दाम आसमान छू रहे हैं। बिल्डिंग मैटेरियल व्यवसायी इम्तियाज खान राजू ने बताया कि मार्च महीने में प्रति ट्रैक्टर ट्राली बालू की कीमत 4000-4500 रुपये थी। अब प्रति ट्राली बालू की कीमत 8000-8500 रुपये हो गई है। बताया कि बालू के दाम बढ़ने से इसकी मांग भी कम हो गई है। कई लोगों ने अपने निर्माण कार्य स्थगित कर दिए हैं। जबतक सोन नदी के बालू का टेंडर नहीं होगा बालू के दाम संभवत: कम नहीं होंगे। वैसे अब बंगाल से बालू आ रहा है पर दाम में ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा है। आलम यह है कि कोरोना संक्रमण काल से ही छायी मंदी के बीच लोगों को अब बालू की किल्लत और महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। बालू की महंगाई का असर मकान निर्माण कार्य पर दिखने लगा है। कंस्ट्रक्शन का काम बंद होने से इससे जुड़े लोगों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द बालू के दाम घटेंगे फिर निर्माण कार्य शुरू करेंगे।