पीडीडीयू नगर। जिले में हिंदी दिवस मंगलवार को धूम धाम से मनाया गया। कार्यालयों और कॉलेजों में आयोजित गोष्ठियों में हिंदी को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि हिंदी के विकास के लिए देश और समाज का उत्थान हो सकता हैं हिंदी के विकास के लिए अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग करना होगा।
नगर के मानसनगर स्थित केंद्रीय विद्यालय में हिंदी पखवाड़ा की शुरूआत मंगलवार को हुई। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि प्राचार्य कौशल कुमार ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर छात्र छात्राओं ने गीत, कविता पाठ, भाषण आदि प्रस्तुत किया। वरिष्ठ शिक्षक सत्यनरायन सरोज ने हिंदी भाषा के महत्व प्रकाश डाला। इस मौके पर विद्यालय समन्वयक मनीष पांडेय, सुरेंद्र पंडित, चंद्रशेखर मौर्य, नितिन शुक्ला, चारु भारद्वाज, पलक वालिया, अमित निषाद, वीके सिंह रहे। धन्यवाद ज्ञापन सरला देवी ने किया।
धानापुर संवाददाता के अनुसार धानापुर साहित्यिक मंच की ओर से कस्बा स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित हिंदी संवाद विषयक गोष्ठी में हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बनाने की मांग की। संयोजक एम अफसर खान ने विचार व्यक्त किया। इस मौके पर तबरेज खान, उपेंद्र कन्नौजिया, आक़िफ़ खान, नसीरुल होदा खान, नदीम खान, आमिर सुहेल, रकीम खान, एहतेशाम रहे। नौगढ़ संवाददाता के अनुसार स्थानीय राजकीय महाविद्यालय में आयोजित हिंदी दिवस कार्यक्रम में हिंदी के विकास पर बल दिया गया। इस मौके पर विद्यार्थियों ने गीत, कविता और भाषण प्रस्तुत किए। इस अवसर पर असि. प्रोफेसर शीतला प्रसाद सिंह, असि. प्रोफेसर डॉ. तेज प्रकाश, असि. प्रोफेसर अनुराग सिंह, असि. प्रोफेसर पूजा यादव ने भी विचार व्यक्त किए।
पीडीडीयू नगर। दुनिया में भारत की पहचान हिंदी से है। हिंदी मात्र एक भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी एकता की सूत्रधार भी है। साथ ही हिंदी सबसे शक्तिशाली भाषा है। ये बातें पीडीडीयू मंडल के डीआरएम राजेश कुमार पांडेय ने मंडल कार्यालय सभागार में हिंदी दिवस पर आयोजित मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में कहीं। इस मौके पर हिंदी का अधिक प्रयोग करने के लिए वरीय मंडल विद्युत इंजीनियर (कचस्टा) प्रशांत कुमार को अंतर्विभागीय चल राजभाषा शील्ड प्रदान किया गया।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए डीआरएम राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि यदि देश के सरकारी काम - काज और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को आम जनता तक पहुंचना है अथवा अपना व्यापार करना है तो उसे हिंदी की ही शरण में आना होगा। एडीआरएम राकेश कुमार रौशन ने कहा कि राजभाषा हिंदी में काम - काज करना हमारे लिए गौरव की बात है। इसके पूर्व डीआरएम ने सभी लोगों को राजभाषा के उपयोग की शपथ दिलाई। वहीं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी दिनेश चंद्र ने मानक कार्यसूची के अनुरूप बैठक में राजभाषा की प्रगति पर विंदुवार चर्चा की।