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यूपी: चंदौली पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, 9 लग्जरी कार बरामद, आरोपियों ने उगले हैरान करने वाले राज

Sat, 06 Nov 2021 10:44 AM IST
उत्पल कांत संवाद न्यूज एजेंसी, चंदौली

सार

 मध्य प्रदेश से चोरी हुए वाहनों को यूपी के अलग-अलग शहरों में बेचा जाता था। पुलिस इस वाहन चोर गिरोह के पीछे काफी दिनों से लगी हुई थी। गिरफ्त में आए आरोपियों ने कई ऐसे राज उगले जो हैरान करने वाले हैं। 
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नौ लग्जरी कार बरामद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी की चंदौली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। क्राइम ब्रांच और सदर कोतवाली पुलिस ने वाहन चोरों के एक बहुत बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से नौ लग्जरी कार बरामद हुआ। शुक्रवार को पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस के द्वारा वाहन चोरी के लिए कुछ इनपुट लिए गए थे।

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इसके आधार पर स्थानीय पुलिस टीम सक्रिय हुई। पुलिस ने कटसिला के समीप वाहन चोर गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उनके द्वारा बताए गए स्थानों से लग्जरी वाहनों को बरामद किया गया। वहीं उनके पास से 19 आधार कार्ड, दो लैपटॉप, एक प्रिंटर, एक बायोमेट्रिक मशीन, तीन एटीएम कार्ड, चार मोबाइल भी बरामद हुआ।

दो आरोपियों की तलाश जारी
बताया कि मिथिलेश मौर्य वाराणसी के चौका घाट, बालचंद नियोगी वाराणसी के पहड़िया और चंदौली के इलिया थाना क्षेत्र निवासी शिवाजी को गिरफ्तार किया गया है। तीनों काफी समय से वाहन चोरी और फर्जी रजिस्ट्रेशन पेपर बनाकर बेचने के गिरोह का संचालन कर रहे थे। वहीं पुलिस अब वाराणसी के चोलापुर निवासी धीरज चौबे और मध्य प्रदेश के उदयपुरा रायसेन के निवासी कमल सिंह की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
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एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी मिथिलेश ने स्वीकार किया कि वह तीन वर्षों से वाहन चोरी के कार्यों को अंजाम दे रहा है। वह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से वाहन को वाराणसी लाते थे। फिर वाहन स्वामी का फर्जी नाम, पता और आधार कार्ड शिवाजी के द्वारा बनाया जाता था। बालचंद नियोगी एक लाख रुपये में फर्जी रजिस्ट्रेशन पेपर तैयार बना देता था। बताया कि करीब 20 से 25 वाहनों का फर्जी ढंग से रजिस्ट्रेशन हुआ है। 
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सोशल साइट्स के जरिए बेचते थे चोरी के वाहन

चंदौली पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का किया पर्दाफाश - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की पूछताछ में वाहन चोरों के सरगना मिथिलेश ने बताया कि चोरी के वाहनों की फर्जी रजिस्ट्रेशन पेपर तैयार कराने के बाद उसे ओएलएक्स और अन्य सोशल साइट्स   पर अपलोड किया जाता था। इसके बाद ग्राहकों से संपर्क कर वाहन को अनुमान से कम दाम पर बेचा जाता था। कम दाम में लग्जरी वाहन खरीदने के इच्छुक ग्राहक उनके जाल में फंसथे थे। 
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पुलिस टीम को एसपी देंगे इनाम

वाहन चोर गिरोह का खुलासा करने में सदर कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार पांडेय, क्राइम ब्रांच प्रभारी राजीव कुमार सिंह, सर्विलांस सेल के प्रभारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने तीनों प्रभारियों की पूरी टीम को पुरस्कार देने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है।
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