कुंडा के बहुचर्चित सीओ हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई टीम शुक्रवार को बलीपुर गांव पहुंची।
डीआईजी अनुराग गर्ग के नेतृत्व में पहुंची 10 सदस्यीय टीम ने सबसे पहले भगोड़े पुलिसवालों से पूछताछ की। सीबीआई के सामने निलंबित पुलिसकर्मी पसीने-पसीने हो गए।
करीब दो घंटे तक इंस्पेक्टर सर्वेश मिश्र, एसओ मनोज शुक्ला, दरोगा विनय सिंह और गनर इमरान से पूछताछ की गई। नगर पंचायत कार्यालय में हुई पूछताछ के दौरान पुलिसवालों की घिग्गी बंधी रही।
प्रधान नन्हें यादव, उसके भाई सुरेश और कुंडा सीओ जियाउल हक की हत्या से संबंधित केस डायरी और तमाम दस्तावेज सुबह डीएम-एसपी ने सीबीआई केडीआईजी अनुराग गर्ग को सौंप दिए।
सबसे पहले सीबीआई टीम ने भगोड़े पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। सीओ, प्रधान और उसके भाई की हत्या का घटनास्थल देखा। हत्यारोपी राजा भैया के करीबी गुड्डू सिंह, कामता पाल के घर पर भी मुआयना किया।
सुबह से शाम तक सीबीआई अधिकारी दस्तावेजों, साक्ष्यों को खंगालते रहे। फाइल तैयार की। दोपहर बाद सीबीआई के दो अधिकारी ऊंचाहार स्थित गेस्ट हाउस चले गए। एक टीम कुंडा में घूमी तो दूसरी टीम बलीपुर में पूछताछ करती रही।
शहीद सीओ जियाउल हक मामले में सीबीआई निर्धारित समय सीमा में ही जांच पूरी करेगी। जांच के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
आरपीएन सिंह, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री