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मलेरिया के 14 रोगी मिले, तीन में फैल्सीपेरम की पुष्टि

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जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी लाइन।संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। मलेरिया के साथ जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीच डेंगू के संदिग्ध भी सामने आने लगे हैं। बुधवार को डेंगू के 32 संदिग्धों की जांच की गई। हालांकि, इनमें किसी को डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच बुधवार को जिले में मलेरिया के 14 नए रोगी मिले हैं। इनमें तीन को फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है।
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पिछले करीब 15 दिन से जिले में वायरल फीवर के साथ मलेरिया का प्रकोप बना हुआ है। मलेरिया के सबसे ज्यादा रोगी सालारपुर ब्लॉक में मिल रहे हैं। यहां जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के अब तक 28 रोगी मिले चुके हैं, जबकि जिले में यह संख्या 54 है। बुधवार को मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर वायरल प्रभावित गांवों में कैंप लगाकर रोगियों की जांच की। इस दौरान मलेरिया के कुल 14 रोगी मिले। तीन रोगियों को फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। फैल्सीपेरम मलेरिया का एक रोगी सालारपुर ब्लॉक के गांव सुरसेना और एक परतौर माफी में मिला है, जबकि एक रोगी दातागंज ब्लॉक के गांव मुडसेना में भी मिला है।
मुड़सेना में तीन दिन पहले भी फैल्सीपेरम मलेरिया का एक रोगी मिला था। इस बीच सरकारी अस्पतालों की ओपीडी के साथ निजी डॉक्टरों के यहां भी वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की लाइन लग रही हैं। काफी संख्या में मलेरिया रोगी निजी डॉक्टरों के यहां भी इलाज करा रहे हैं। बुधवार को जिले में 32 रोगी ऐसे भी मिले जिनमें डेंगू जैसे लक्षण पाए गए। ऐसे नौ लोगों की जांच मेडिकल कॉलेज और 23 की जांच जिला अस्पताल में की गई। गनीमत रही कि किसी को डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में लार्वा नष्ट कराने के साथ तालाबों में गंबूजिया मछलियों को छुड़वाने का काम बुधवार को भी चला।
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अब तक मलेरिया के 855, फैल्सीपेरम के मिल चुके 54 रोगी
जनवरी से अब तक जिले में बुखार पीड़ित 80 हजार से ज्यादा लोगों की जांच हो चुकी है। इनमें मलेरिया के 869 और फैल्सीपेरम मलेरिया के 54 रोगी मिल चुके हैं। अब तक डेंगू का कोई रोगी नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग के पास डेंगू की जांच करने के लिए ढाई हजार किट उपलब्ध हैं। बुधवार से डेंगू के संदिग्धों की जांच भी शुरू कर दी गई है। दरअसल, जिले में डेंगू के मामले सितंबर मध्य से ही सामने आना शुरू होते हैं।
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पिछले वर्ष के मुकाबले मलेरिया के रोगियों की संख्या इस वर्ष कम है। अब तक डेंगू का कोई रोगी नहीं मिला है। फैल्सीपेरम मलेरिया का प्रकोप भी पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष कम है। जिले में बुखार से मौत का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। प्रभावित गांवों में लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं।
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-डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
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