उझानी (बदायूं)। राजकीय मेडिकल कॉलेज से रेफर किए गए मरीज को अलीगढ़ में भर्ती कराकर लौट रही सरकारी एंबुलेंस को सामने से मेटाडोर ने टक्कर मार दी, जिससे उसके अगले हिस्से के परखचे उड़ गए। ड्राइवर और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) एंबुलेंस के अंदर ही फंस गए। ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक पीलीभीत जिले का निवासी था। दोनों को खिड़की तोड़कर बाहर निकाला गया। घायल ईएमटी की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने मेटाडोर कब्जे में ले ली है।
हादसा बृहस्पतिवार रात में करीब 11 बजे कोतवाली क्षेत्र में दिल्ली हाईवे पर गांव हजरतगंज के पास गिरधपुर मोड़ पर हुआ। राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं में भर्ती एक मरीज को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया था। एंबुलेंस-108 के ड्राइवर पीलीभीत जिले में दियोरिया थाना क्षेत्र के गांव बड़ागांव निवासी रामदास (40) पुत्र नारायण लाल गंगवार और पड़ोसी गांव सनगवां निवासी ईएमटी जितेंद्र (35) ने देर शाम उसे अलीगढ़ में भर्ती करा दिया। लौटते वक्त एंबुलेंस को सामने से तेज रफ्तार मेटाडोर ने टक्कर मार दी। जिससे एंबुलेंस को अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक और ईएमटी एंबुलेंस के अंदर ही फंस गए।
यह देख कुछेक वाहन मौके पर रुक गए। उन्हीं में से किसी ने फोन कर पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने लोगों की मदद से एंबुलेंस के अंदर से ड्राइवर और ईएमटी को खिड़की तोड़कर बाहर निकाला लेकिन तब तक ड्राइवर रामदास की मौत हो चुकी थी। दोनों को देर रात ही जिला अस्पताल भेजा गया। उधर, हादसे के बाद ड्राइवर मेटाडोर को मौके पर ही छोड़कर भाग गया।
एंबुलेंस सेवा के जिला प्रबंधक रोहित यादव समेत विभागीय अधिकारी अस्पताल पहुंचे। मृतक रामदास और घायल जितेंद्र के परिजन भी शुक्रवार तड़के अस्पताल पहुंचे। रोहित के मुताबिक ड्राइवर रामदास एंबुलेंस सेवा शुरू होने के बाद से जिले में ही तैनात था। ईएमटी जितेंद्र की हालत नाजुक बताई गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव को उसके परिजन अपने साथ पीलीभीत ले गए हैं।
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ड्राइवर के अंतिम संस्कार को दी 20 हजार की आर्थिक मदद
सरकारी एंबुलेंस के मृत चालक रामदास गंगवार के पोस्टमार्टम से पहले ही एंबुलेंस सेवा के मंडलीय अधिकारी भी जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने मृतक के परिवार से बात कर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। जिला प्रबंधक रोहित यादव ने बताया कि मृतक के अंतिम संस्कार के लिए कंपनी के स्तर से 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी की गई है।
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हादसे के बाद मेटाडोर के अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मेटाडोर पुलिस के कब्जे में है। जल्द ही उसके ड्राइवर को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। हाईवे पर जहां हादसा हुआ है, वहां कोई मोड़ भी नहीं है।
- गजेंद्र सिंह, सीओ उझानी