बढ़ापुर (बिजनौर)। कोतवाली ब्लॉक में भगवान राम के नाम पर बसे गांव रामजीवाला में मुस्लिम परिवार बसे हुए हैं जबकि किरतपुर ब्लॉक के गांव हिंदूपुर में नाममात्र के ही हिंदू परिवार हैं। इस सामाजिक समरसता में ग्रामीण ज्यादा जानकारी नहीं दे पाते लेकिन संभावना जताई जा रही है कि कभी इनमें हिंदू आबादी रही होगी, जो कालांतर में चली गई।
हिंदूपुर गांव का राजस्व रिकार्ड में नाम साहबपुरा हिंदूपुर है लेकिन इसकी पहचान हिंदूपुर से ही है। ग्राम प्रधान के पति मोहम्मद राशिद के अनुसार गांव की आबादी करीब छह हजार है और करीब 3200 मतदाता हैं। गांव में पांच मुस्लिम बिरादरियां रहती हैं, जो कुल आबादी की 94 प्रतिशत हैं। हिंदू आबादी के 13-14 घर हैं, जिनके लगभग 100 वोट हैं।
कोतवाली ब्लॉक के गांव रामजीवाला उत्तराखंड की सीमा पर बढ़ापुर कस्बे के पास जनपद का आखिरी गांव है। यह गांव उत्तराखंड के पाखरों वन रेंज के टाइगर रिजर्व की वन सीमा से सटा है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि गांव सन 1956 में आबाद हुआ। गांव निवासी मो. हनीफ, मो. जाहिद, मो. साजिद का कहना है कि उनके पूर्वज हिमाचल प्रदेश से आकर यहां बसे थे। प्रारंभ से ही गांव की संपूर्ण आबादी मुस्लिम है। इस गांव का नाम रामजीवाला क्यों पड़ा? इसका किसी को इल्म नहीं है।
ग्राम प्रधान जरीना के पति मोहम्मद अख्तर ने बताया कि गांव की आबादी करीब 1800 है और मतदाता 800 हैं। गांव रामजीवाला में रहने वाले सभी करीब 50 परिवार मुस्लिम राईन बिरादरी के हैं। मौजा चपड़ा में स्थित संविलियन विद्यालय रामजीवाला के प्रभारी मुख्य अध्यापक रविंद्र कुमार के अनुसार विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक नामांकित बच्चों की संख्या 192 है जिनमें रामजीवाला के 191 मुस्लिम बच्चे हैं। शेष एक हिंदू बालक पास के मौजा दलीपपुर का रहने वाला है जिसका इसी सत्र में कक्षा आठ में नामांकन हुआ है।