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बच्चों के लिए खतरा बना विद्यालय का जर्जर भवन

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अफजलगढ़ में राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज का क्षतिग्रस्त पुराना जर्जर भवन। - फोटो : BIJNOR
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बच्चों के लिए खतरा बना विद्यालय का जर्जर भवन
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अफजलगढ़। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते जीआईसी के नए भवन का निर्माण ठप पड़ा होने के कारण अधर में लटका हुआ है। राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षण कार्य पुराने जर्जर भवन में ही चल रहा है। विद्यालय के इस भवन को निष्प्रयोजित घोषित किया जा चुका है। बरसात के मौसम में यह भवन कभी भी गिर सकता है और बडे़ हादसे की वजह बन सकता है। अनेक नागरिकों ने प्रशासन से विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।
अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रयासों के चलते करीब दो वर्ष पूर्व राजकीय इंटर कॉलेज के जर्जर हो चुके भवन का निर्माण शुरू किया गया था। किंतु निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण नया भवन शुरू नहीं हो सका। विद्यालय पुराने निष्प्रयोजित घोषित जर्जर भवन में ही चल रहा है। राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज का भवन जर्जर हालत में है। विद्यालय के कार्यालय के मुख्य भवन का एक हिस्सा गिर चुका है। जिन कमरों में कक्षाएं चल रही हैं, उनमें भी दरारें पड़ी हुई हैं। यह बरसात का मौसम व जर्जर हालत होने के कारण कभी भी गिर सकता है। ऐसे में इस भवन में कक्षाएं चलाना विद्यार्थियों के जीवन से खिलवाड़ है। समाज सेवी विकास जैन, शंकर सिंघल, लक्ष्मी चरण गुप्ता, सभासद शेख इमरोज, खलील अहमद पप्पू पठान, दिलशाद, इरशाद ठेकेदार, इमरान तथा अनिल आदि सहित लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य धीमी गति से होने व फिलहाल ठप होने के कारण निर्धारित समय सीमा पर पूरा नहीं किया जा सका। इन लोगों ने प्रशासन तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराकर नये भवन में कक्षाएं सुचारु कराने की मांग की है।
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4.18 करोड़ की लागत से होना है निर्माण
विद्यालय का पुराना भवन क्षतिग्रस्त व निष्प्रयोजित होने के कारण अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से 4 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से करीब 20, कमरों व चहारदीवारी का कार्य किया जाना तय हुआ था। जिसके लिए 7 जुलाई 2019 को निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया था। 31 दिसंबर 2020 को निर्माण कार्य पूरा किया जाना था। किंतु तय सीमा के नौ माह बाद भी विद्यालय का निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया जा सका। बल्कि मार्च से विद्यालय के निर्माण का कार्य बिल्कुल ठप पड़ा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य नितिन चौहान ने बताया इस संबंध अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र विद्यालय निर्माण कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकार नौशाद हुसैन का कहना है कि पहली किस्त में अवमुक्त किया गया पैसा विद्यालय निर्माण किया जा चुका है। दूसरी किस्त के लिए शासन को लिखा जा रहा है। पैसा अवमुक्त होते ही विद्यालय निर्माण का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाएगा।
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