राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में जिला प्रदेश में नंबर वन
धामपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में जनपद बिजनौर उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर है। इस मिशन के अंतर्गत बिजनौर जिले के सभी 11 ब्लॉक क्षेत्रों में 13 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों के तहत एक लाख चालीस हजार महिलाएं विभिन्न रोजगार के माध्यम से स्वावलंबी बनकर आर्थिक रूप से संपन्न हो रही हैं। जबकि योजना में दूसरे नंबर पर आगरा जिला है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला समन्वयक ज्ञान सिंह ने बताया कि प्रदेश और केंद्र सरकार ने जिस उद्देश्य के साथ मिशन को क्रियान्वित किया था, वह पूरा हो रहा है। जनपद बिजनौर में कुल 11 विकास क्षेत्र हैं, इन सभी में मिशन की स्थिति उत्तम है। अल्हैपुर ब्लॉक क्षेत्र में करीब 937 स्वयं सहायता समूह के तहत दस हजार 153 महिलाएं विभिन्न रोजगारों के माध्यम से जैसे चटाई बनाना, हाथ के पंखे बनाना, गन्ने की नर्सरी तैयार करना, राशन डीलर दुकानों पर राशन का वितरण कराना, आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार का वितरण कराना, मनरेगा मद में श्रमिक के रूप में कार्य करना, मछली पालन करना, दूध की डेयरी का संचालन करना आदि विभिन्न क्षेत्रों में सभी समाज की महिलाएं बढ़ चढ़कर भागेदारी कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
उत्तर प्रदेश में जनपद मिशन के क्षेत्र में नंबर वन है। बिजनौर में करीब 13 हजार स्वयं सहायता समूह हैं, जिनके माध्यम से करीब एक लाख 40 हजार महिलाएं इन समूह से जुड़कर तरक्की कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक इन समूहों में से तीन हजार समूहों को बैंकों से ऋण, सात हजार समूहों को रिवाल्विंग फंड के माध्यम से रोजगार करने के लिए सहायता और करीब छह हजार समूह सामुदायिक निवेश के अंतर्गत दायित्व का निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मिशन के अंतर्गत 24 नवंबर को दोपहर 12 बजे ब्लॉक के डबाकारा हॉल में बैंक अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी। गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में सरकारी अवकाश घोषित होने के कारण अब यह मीटिंग अगले सप्ताह होगी।