एसआईटी ने दिन भर की अनवारूल और नईम से पूछताछ
बिजनौर। लखनऊ से आई एसआईटी की एक टीम ने बिजनौर में डेला डाल दिया है। टीम ने हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या में नामजद और हिरासत में लिए गए मौलाना अनवारूल हक व मुफ्ती नईम कासमी से दिन भर पूछताछ की। टीम ने मौलाना अनवारूल हक से गुजरात कनेक्शन खंगालने की कोशिश की। काफी देर तक इस पर बात हुई। इसके अलावा कई बिंदुओं पर टीम ने बात की। टीम बाद में दोनों मौलानाओं को देहात के एक थाने में ले गई और वहां पूछताछ करती रही।
सीओ क्राइम लखनऊ दीपक कुमार के नेतृत्व में एसआईटी की पांच सदस्यीय टीम शनिवार रात बिजनौर पहुंच गई। रविवार सुबह से टीम ने पुलिस लाइन में मौलाना अनवारूल हक और मुफ्ती नईम कासमी से कई घंटे पूछताछ की। टीम ने यह जानने की कोशिश की कि कमलेश तिवारी का सिर कलम करने पर इनाम देने के एलान करने के पीछे उनकी क्या मंशा थी, इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं थी। गुजरात के सूरत में रह रहे मौलाना अनवारूल हक के दो भाइयों के जरिए किन लोगों से मौलाना के तार जुड़े थे, इसके बारे में भी जानकारी ली गई। टीम ने बिजनौर से फरार आतंकियों से अनवारूल हक की क्या भूमिका रही थी इसकी भी जांच पड़ताल की।
इसके बाद टीम अनवारूल हक व नईम कासमी को देहात के एक थाने में ले गई और वहां पूछताछ करती रही। टीम अनवारूल हक व नईम कासमी को कमलेश तिवारी हत्याकांड के बारे में खंगालती रही। दोनों मौलानाओं से तमाम बातें मालूम कीं। अलग-अलग भी दोनों मौलानाओं से बातचीत की। दोनों मौलाना कमलेश तिवारी हत्याकांड में अपना हाथ होने से मना करते रहे। टीम ने दोनों मौलानाओं से क्या बात की यह किसी को कुछ नहीं बताया है। जिले के अफसरों से भी अभी ये बात साझा नहीं हुई हैं। टीम अभी भी बिजनौर में रुकी है। टीम रात में भी दोनों मौलानाओं से अलग से पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक टीम ने दोनों मौलानाओं से यह जानने की कोशिश भी की कि किन गलत लोगों से उनके ताल्लुक रहे हैं। गुजरात वे आते जाते रहे हैं या नहीं।
सूरत से मिलती थी अनवारूल का विरोध करने वालों को धमकी
मौलाना अनवारूल हक पर एक महिला ने जिन्न उतारने के नाम पर दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस घटना ने खूब तूल पकड़ा था। तब महिला के पैरोकार व अनवारूल हक के खिलाफ आवाज उठाने वालों को मोबाइल पर धमकी मिलती थीं। यह धमकी भी गुजरात के सूरत में चल रहे मोबाइल नंबरों से मिलती थी। पैगाम ए अमन कमेटी के जिलाध्यक्ष शहबाज अंसारी इस मामले में महिला की पैरोकारी कर रहे थे। उन्होंने और अन्य कई लोगों ने एसपी से शिकायत की तब इस बात का खुलासा हुआ था। शहबाज अंसारी ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें धमकी सूरत के मोबाइल नंबरों से मिली थी। यह बात पुलिस अफसरों ने उसे बताई है।