बिजनौर। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट अवधेश कुमार प्रथम ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले अभियुक्त सुमित को दोषी पाया। अदालत ने सुमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया।
धामपुर के गांव उमरपुर बांगर के रहने वाले राजपाल सिंह की बेटी रश्मि का विवाह दिसंबर 2021 में सुमित पुत्र लोकेंद्र निवासी गांव दतियाना जिला मुजफ्फरनगर से हुआ था। 26 मई 2022 की शाम सुमित अपनी ससुराल पहुंचा। जिसने मायके में रह रही अपनी पत्नी रश्मि के साथ दहेज को लेकर झगड़ा किया। 27 मई 2022 को सुमित ने चाकू से गले पर वार करते हुए रश्मि को मार डाला।
सुनवाई के दौरान अभियुक्त के वकील ने तर्क दिया कि यह उसका पहला अपराध है। परिवार में सिर्फ उसके माता-पिता ही हैं, उसके जेल जाने से उसके मां-बाप का भरण पोषण करने वाला कोई नहीं रहेगा। ऐसे में काम से कम सजा से दंडित किया जाए लेकिन विशेष लोग अभियोजक ने तर्क का विरोध करते हुए कहा कि दोष सिद्ध ने अपनी पत्नी की दहेज की मांग को लेकर गला काटकर हत्या की है। ऐसे में कठोर दंड दिया जाए। अदालत ने अभियुक्त सुमित कुमार को आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।