बिलाई मिल ने भुगतान के लिए 31 दिसंबर तक का समय मांगा
बिजनौर। बिलाई चीनी मिल ने भुगतान के लिए 31 दिसंबर तक का समय मांगा है। मिल ने चीनी बेचकर ही भुगतान करने की बात कही है। मिल पर अब भी करीब 97 करोड़ का बकाया है, जबकि मिल के पास चीनी 100 करोड़ से अधिक की चीनी है।
बिलाई चीनी मिल बजाज ग्रुप की है। मिल ने पिछले साल किसानों से 399 करोड़ का गन्ना खरीदा था। अब तक मिल ने किसानों को 302 करोड़ का भुगतान कर दिया है। 97 करोड़ रुपये मिल पर अब भी बकाया हैं। बकाया भुगतान के लिए गन्ना विभाग द्वारा कई बार मिल प्रशासन को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। मिल के अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है। मिल ने 31 अक्तूबर से अपना पेराई सत्र शुरू कर दिया है। मिल पर प्रशासन ने भुगतान के लिए पूरा दबाव बना रखा है, लेकिन मिल ने 31 दिसंबर तक ही अपना भुगतान करने के बारे में शासन को लिखा है। मिल के अफसरों के अनुसार अब भी मिल पर 100 करोड़ से अधिक की चीनी है। चीनी बेचने का कोटा निर्धारित होने के चलते एकदम से भुगतान नहीं किया जा सकता है। मिल अफसरों का कहना है कि दिसंबर तक चीनी बेचकर भुगतान कर दिया जाएगा।
नहीं मिला था सीसीएल
बजाज ग्रुप ने अनेक उद्योगों के लिए पहले से ही बैंकों से काफी लोन ले रखा है। इस वजह से चीनी मिल को बैंकों से चीनी गिरवी रखकर सीसीएल नहीं मिला था। सीसीएल न होने की वजह से मिल भुगतान नहीं कर पाई। इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से मिल को सॉफ्ट लोन भी नहीं मिल पाया था।
भुगतान के लिए पर्याप्त चीनी
बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह के अनुसार मिल को कोई बाहरी सुविधा नहीं मिल पाई। मिल खुद चीनी बेचकर भुगतान करेगी। भुगतान करने के लिए मिल के पास पर्याप्त चीनी है। 31 दिसंबर तक किसानों का शत प्रतिशत भुगतान कर दिया जाएगा।