लोगों में बढ़ने लगी टीकाकरण के प्रति रुचि
बिजनौर। जिले के लोग महिलाओं और अपने बच्चों का टीकाकरण कराने के प्रति जागरूक हो रहे हैं। इस बार संस्थागत प्रसव में टीकाकरण में करीब 71 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। 2018 में यह 28.34 प्रतिशत था, जो इस बार यह बढ़कर 99.40 पर पहुंच गया है। इसके अलावा टीटी, वीसीजी, पैंटावेलेंट, पोलियो मिजिल्स आदि में पांच से 20 प्रतिशत तक का हुआ इजाफा।
विभिन्न प्रकार की बीमारियों से महिलाओं और बच्चों आदि को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। टीकाकरण बचपन में होने वाली कई जानलेवा बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावशाली एवं सुरक्षित तरीका है। टीकाकरण बच्चे के रोग प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत बनाता है और उन्हें विभिन्न जीवाणु तथा विषाणुओं से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। आमतौर पर टीकाकरण कार्यक्रम बच्चों और महिलाओं को लगभग छह प्रकार की बीमारियों से बचाने के लिए होता है। इनमें ट्यूबरकुलोसिस (तपेदिक), डिप्थीरिया, काली खांसी, पोलियो, खसरा, टिटनेस आदि शामिल हैं। जिले में इस बार टीकाकरण की स्थिति में सुधार आया है। जनपद के लोगों ने समझदारी दिखाते हुए अपने बच्चों को विभिन्न जानलेवा बीमारियों से बचाने और टीकाकरण का प्रतिशत बढ़ाने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग किया है। अफसरों की मानें तो अक्तूबर 2018 की तुलना में इस बार टीकाकरण के प्रतिशत में काफी उछाल आया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत शून्य से 16 साल तक के बच्चों को विभिन्न प्रकार के टीके लगाए जाते हैं।