बिजनौर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नगीना मनमोहन सिंह ने फुरकान हत्याकांड में तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 33-33 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता पंकज कुमार चौहान के अनुसार नजीबाबाद निवासी फरीद ने थाना नजीबाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसके भाई फुरकान की उधार के रुपयों को लेकर नजीबाबाद के मोहल्ला नई बस्ती पठानपुरा निवासी दानिश से कहासुनी हो गई थी। 31 मार्च 2014 को दोपहर डेढ़ बजे फुरकान अपनी दुकान से घर जा रहा था तो उसे काला उर्फ फुरकान पुत्र मुल्ला सलाम, अबरार उर्फ मोटा, दानिश पुत्र मुल्ला शरीफ व मुल्ला शरीफ पुत्र हमीद निवासीगण मोहल्ला चारबाग नई बस्ती नजीबाबाद ने एक राय होकर जैन कोल्ड स्टोर वाली गली में दबोच लिया। आरोपियों ने छुरों से फुरकान पर ताबड़तोड़ वार किए। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
इस हत्याकांड की विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर मुल्ला शरीफ का नाम निकाल दिया गया। अबरार उर्फ मोटा की जगह इसरार उर्फ मोटा का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने दानिश, इसरार उर्फ मोटा, फुरकान उर्फ काला की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छुरियां बरामद कीं। न्यायालय में फुरकान उर्फ काला, इसरार उर्फ मोटा व दानिश के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की। केस की सुनवाई के दौरान मुल्ला शरीफ को कोर्ट ने तलब किया पर सुनवाई के दौरान उसकी मौत हो गई।
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हत्याकांड में फुरकान उर्फ काला, इसरार उर्फ मोटा व दानिश को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व आर्म्स एक्ट के तहत दो-दो वर्ष की सजा सुनाई गई है।
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