फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में आठ माह से नहीं एंटी रेबीज इंजेक्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल में आठ माह से नहीं एंटी रेबीज इंजेक्शन
विज्ञापन

बिजनौर। जिला अस्पताल में पिछले करीब आठ माह से एंटी रेबीज वैक्सीन की कमी चल रही है। जनवरी से ही अस्पताल में एआरवी का भारी टोटा है। इस कारण मरीज वापस लौटने को ही मजबूर होते हैं या फिर निजी अस्पतालों में ऐेसे में वे निजी अस्पतालों में जाकर ही वैक्सीन लगवाने को मजबूर होते हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. अरुण पांडेय के अनुसार रेबीज की रोकथाम के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन बनी है। नियमानुसार पहला इंजेक्शन 72 घंटे के अंदर, दूसरा तीन दिन बाद, तीसरा सात दिन पश्चात, चौथा 14 दिन बाद और पांचवां 28 दिन के बाद लगाया जाता है। हालांकि एहतियात के तौर पर ऐसे मरीज को पहला इंजेक्शन तुरंत लगवा लेना चाहिए। अधिक गर्मी होने पर कुत्ते काटने के मामले बढ़ जाते हैं। इस मामले में संबंधित नगर पालिका और ग्राम पंचायतें इस पर लगाम लगाने में असमर्थ हैं, वहीं दूसरी तरफ जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने आने वाले मरीजों को वैक्सीन न होने के कारण बैरंग ही लौटना पड़ता है। सीएमएस का कहना है कि एंटी रेबीज इंजेक्शन का अभाव इन दिनों पूरे प्रदेश के जिला अस्पतालों में है। वे कई बार डिमांड भेज चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एआरवी लगवाने को दो से ढाई हजार रुपये का आता है खर्च
वर्तमान में जिला अस्पताल में एआरवी के चल रहे टोटे के चलते मरीज को दो से ढाई हजार रुपये खर्च करके स्वयं को एआरवी लगवाने को मजबूर होना पड़ता है। इस पूरे कोर्स में छह टीके शामिल होते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें