बिजनौर। पेराई सत्र में साढ़े नौ महीने की ड्यूटी दिलाने की मांग को लेकर सहकारी गन्ना समितियों के कर्मचारियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान धरना-प्रदर्शन किया और अतिरिक्त एसडीएम अजय तिवारी को ज्ञापन सौंपा। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के साथ हुई वार्ता भी बेनतीजा रही। ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर आक्रोशित कर्मचारियों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। उधर कई कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की।
फेडरेशन के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र कुमार राणा के नेतृत्व में जिले की सभी नौ सहकारी गन्ना समितियों के सैकड़ों कर्मचारी बिजनौर गन्ना समिति प्रांगण में एकत्रित हुए और वहां से प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट प्रांगण में धरना दिया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने गन्ना विभाग पर सीजनल कर्मियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। सभा में अफजलगढ़ समिति के सचिव पर आंदोलनरत पांच कर्मचारियों को निलंबित किए जाने का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने सचिव का स्थानांतरण कराने की मांग भी की। इस दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को गन्ना आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें सीजनल कर्मचारियों को पेराई सत्र के दौरान साढ़े नौ माह की ड्यूटी दिलाने की मांग की गई। इस दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट व यूपी केन यूनियन इंप्लाइज फेडरेशन के पदाधिकारियों में वार्ता हुई, लेकिन प्रशासन की ओर से संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलने पर इसका कोई नतीजा नहीं निकल पाया। धरना सभा में जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र राणा ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। जिलाध्यक्ष के मुताबिक मांगे पूरी होने तक समितियों में तालाबंदी व आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष दुर्गा सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शूरवीर सिंह, जिलामंत्री देशराज सिंह, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष गयूर आसिफ ने धरने में शामिल होकर सीजनल कर्मचारियों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। धरने में सत्यप्रकाश यावद, जुगल किशोर, जल सिंह, अशोक कुमार, हरीश कुमार, दिग्विजय सिंह, अनिल त्यागी, जयदेव, खूब सिंह, कोमन सिंह, मुबारक खां, महाश्य, नरेश कुमार, कुलदीप सिंह, मुदित कुमार, दुष्यंत कुमार आदि शामिल रहे।