सूचना मिलने पर भारी फोर्स के साथ कोतवाल औराई सदानंद सिंह मौके पर पहुंचकर बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद बदमाशों को बाहर निकलने के लिए कहा गया। खुद को पुलिस के चंगुल में देख बदमाश बाहर आए। पूछताछ में एक बदमाश ने अपना नाम राजकुमार गौतम और दूसरे ने मनोज कुमार गौतम निवासी बरौनी थाना कछवां बाजार जिला मिर्जापुर बताया।
दोनों के पास से एक असलहा और एक नकली रिवाल्वर, आधा दर्जन जिंदा कारतूस और लूट के 40 हजार रुपये नगद बरामद हुए। बदमाशों ने बताया कि वे लूट की नीयत से आए थे। पूर्व में दूसरे फाइनेंस कंपनी में काम भी कर चुके हैं। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने मौका मुआयना किया।
पुलिस की पीठ थपथपाते हुए एसपी ने कहा कि सूझबूझ और हिम्मत से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। इस मौके पर एएसपी रविंद्र कुमार वर्मा, सीओ रामलखन मिश्र, क्राइम ब्रांच प्रभारी विनोद दूबे आदि रहे।
भदोही के औराई में फाइनेंस कंपनी में लूट की नीयत से घुसे दोनों बदमाश मिर्जापुर जिले के कछवां थाना क्षेत्र के बरैनी गांव के निवासी हैं। डीआईजी के निर्देश पर कछवां पुलिस आरोपितों को असलहा देने वाले की तलाश में जुट गई है। सीओ सदर के नेतृत्व में कछवां पुलिस भी जांच में जुटी है।
भदोही के औराई थाना क्षेत्र में भारत फाइनेंस कंपनी है। जो प्राइवेट बैंक की तर्ज पर चलती है। बृहस्पतिवार सुबह सवा 11 बजे दो लोग असलहा लेकर उसके दफ्तर में घुसे और कर्मचारियों की कनपटी पर असलहा सटाकर नकद रुपये लूट लिये। इसी बीच बाहर मौजूद कुछ लोगों ने कंपनी कार्यालय का शटर बाहर से बंद कर पुलिस को फोन कर दिया। बाद में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी कछवां थाना क्षेत्र के बरैनी गांव के निवासी हैं।
डीआईजी विंध्याचल परिक्षेत्र आरके भारद्वाज ने मामले की तह तक जाने के लिए मिर्जापुर पुलिस को भी जांच करने का निर्देश दिया है। एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा ने सीओ सदर शैलेंद्र त्रिपाठी को औराई जाकर आरोपितों से पूछताछ और कछवां पुलिस को आरोपियों के घर जाकर छानबीन करने के साथ ही आरोपियों को असलहा उपलब्ध कराने वालों के बारे में भी पड़ताल करने को कहा है।
एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा का कहना है कि भदोही जिले के औराई थाना क्षेत्र की फाइनेंस कंपनी में लूट करने गए दोनों आरोपित कछवां क्षेत्र के रहने वाले हैं। डीआईजी के निर्देश पर कछवां पुलिस को जांच के लिए लगाया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि आरोपितों को असलहा किसने उपलब्ध कराया।