तंग आकर युवती से एसपी से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने इसकी जांच शुरू की। इस बीच किसी तरह आरोपी को पुलिसिया कार्रवाई की भनक लग गई। उसने अपने भाई के नंबर और दूसरे मोबाइल सेट से फर्जी पुलिसवाला बनकर युवती से चैट करने लगा। उसने गूगल से राजस्थान पुलिस का लोगो निकालकर एडिट करते हुए भदोही पुलिस लिखा और युवती को मैसेज भेजकर गुमराह कर लिया। युवक ने बातचीत में युवती को फंसा कर उसे ओटीपी पूछ लिया और युवती का व्हाट्सएप हैक कर लिया।
उसके व्हाट्सएप से अपने नंबर पर धमकी भरा मैसेज भेजने के साथ ही चार लाख रुपये की डिमांड की गई। शातिर युवक ने उसका स्क्रीनशॉट लेकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया और आरोप लगाया कि युवती ने उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर साइबर पुलिस ने जब इसकी गहराई से जांच की तो पता चला कि युवक ने ही फर्जी तरीके से यह मैसेज भेजा था। जिसके बाद ऊंज पुलिस ने आरोपी आनंद मोदनवाल निवासी गोधना बाजार, ऊंज को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में युवक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि फर्जी पुलिस बनकर चैटिंग का उद्देश्य युवती के व्हाट्सअप आईडी को हैक करना था। बताया कि वह युवती को फिर से पाने की चाहत में ऐसा किया था। मामले का खुलासा करने वाली साइबर टीम में मुख्य आरक्षी राधेश्याम कुशवाहा, अंकित तिवारी, अंकित शुक्ला, रोहन, राघवेन्द्र कुशवाहा के साथ ऊंज प्रभारी निरीक्षक छोटक यादव सहित अन्य रहे।