बरेली। बारिश के साथ सिर्फ 15 मिनट की आंधी ने पूरे शहर को बुरी तरह झकझोर डाला। तमाम जगह पेड़ों के साथ बिजली के खंभे भी धराशायी हो गए। कई सड़कों पर इससे जाम लगने के साथ शहर से लेकर देहात तक तमाम इलाकों में बिजली गुल हो गई। शहर में ही 25 फीडर ट्रिप हो गए। ज्यादातर इलाकों में आधी रात के बाद भी बिजली की सप्लाई बहाल नहीं हुई।
आंधी और बारिश ने सबसे ज्यादा ऊर्जा मंत्री के प्रभार वाले जिले में लचर व्यवस्थाओं की परतों को उधेड़ा। खंभे गिरने और लाइनें टूटने से पूरे के पूरे फीडर ट्रिप कर गए। आधे से ज्यादा अंधेरे में डूब गया। आंधी-बारिश शुरू होने के बाद हालांकि पूरे शहर की सप्लाई बंद कर दी गई लिहाजा फाल्ट के बजाय लाइनें टूटने से ज्यादा नुकसान हुआ। बारिश रुकने के बाद सप्लाई शुरू की गई तो एक के बाद एक फाल्ट शुरू हो गए। नतीजा यह हुआ कि तमाम इलाके अंधेरे में डूब गए। देहात के हालात और भी ज्यादा खराब रहे। तमाम कस्बों के साथ सैकड़ों गांव में बिजली गुल हुई तो रात भर नहीं आई।
इन इलाकों में गुल हुई बिजली
सुरेश शर्मा नगर, पीलीभीत बाईपास, नैनीताल रोड, नकटिया, स्टेडियम रोड समेत कई जगह पेड़ टूटकर गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। तार टूटने से कोहाड़ापीर, राजेंद्र नगर, सिविल लाइंस, स्टेडियम रोड इलाका, हरूनगला, डेलापीर, शहदाना, कुतुबखाना, किला समेत कई मोहल्लों में बिजली गुल हो गई। 33 केवी लाइन में ब्रेकडाउन से हरूनगला, सनसिटी और महानगर में भी बिजली की सप्लाई देर रात तक बहाल नहीं हो सकी।
प्रमुख इलाकों में ठीक किए फाल्ट बाकी को उनके हाल पर छोड़ा
बारिश थमने के बाद पेड़ों के न हट पाने से टूटी लाइनों को जोड़ने में दिक्कतें आई। टूटे पेड़ की शाखाओं को हटाने में घंटों समय लगा। बिजली विभाग की टीमों का जोर सिर्फ प्रमुख इलाकों में बिजली की सप्लाई बहाल करने पर रहा। तमाम इलाकों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। इन इलाकों में आधी रात के बाद भी बिजली गुल थी। हालांकि बारिश से तापमान में गिरावट आने से लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। मौसम विभाग की बेवसाइट के अनुसार मंगलवार को 0.7 मिमी बारिश हुई।
पेड़ गिरने से बंद हुआ मैकेनियर रोड
बरेली। आंधी के दौरान मैकेनियर रोड पर पंजाब नेशनल बैंक के सामने विशालकाय पेड़ धराशायी होने से रास्ता बंद हो गया। वाहनों से गुजर रहे तमाम लोग रास्ते में ही फंस गए। लाइनें टूटने से बिजली भी गुल हो गई। सूचना दिए जाने के बावजूद दो घंटे तक न पुलिस मौके पर पहुंची न बिजली विभाग के कर्मचारी। आखिर लोगों ने खुद ही पेड़ की शाखाएं हटाकर बाइक निकलने का रास्ता बनाया।
मैकेनियर रोड पर पेड़ गिरने से दोनों ओर वाहन फंस गए। बिजली और नगर निगम के अफसरों को फोन करने के दो घंटे बाद तक कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। पुलिस भी नहीं पहुंची। इसके बाद वाहन मॉडल टाउन के अंदर से निकलने लगे। कुछ देर बाद लोगों ने खुद दोपहिया वाहन निकलने के लिए रास्ता बना लिया। चार पहिया वाहन मॉडल टाउन के अंदर से निकलते रहे। पेड़ गिरने से बिजली के खंभे और लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे इलाके की बिजली गुल हो गई।
आंधी में ढहीं दीवारें, मलबे में दबे दो बच्चों की मौत, एक घायल
बरेली। आंधी और बारिश में दीवार गिरने से सुभाषनगर की करगैना गौंटिया में चार वर्षीय मासूम निहाल और इज्जतनगर के सैदपुर हाकिंस में डेढ़ वर्षीय सचिन की मौत हो गई। सचिन की बहन भी मलबे में दबने से गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।
करगैना गौंटिया में रहने वाले राजू ने बताया कि मंगलवार शाम करीब वह घर का कुछ सामान लेने किराना की दुकान पर गए थे। इसी बीच उनका चार वर्षीय बेटा निहाल घर से निकलकर बाहर आ गया। अचानक पास की कॉलोनी की करीब 12 फुट ऊंची दीवार आंधी-बारिश में भरभराकर ढह गई। उस समय आसपास रहने वाले कई लोग पास के बाग में बैठे थे। दीवार गिरने पर शोर मचाते हुए दौड़कर मौके पर पहुंचे और जल्दी-जल्दी मलबा हटाकर बच्चे को बाहर निकाला। मलबे में दबने से उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। परिवार वाले निहाल को लेकर पास के अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राजू ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा प्रांशु है। उसकी मां ललिता घरों में काम करती है। वह रिक्शा चलाते थे लेकिन बीमार होने के कारण काम नहीं कर पा रहे हैं।
सैदपुर हाकिंस में प्रेम नर्सरी रोड पर रहने वाले वेदप्रकाश मजदूरी करते हैं। उनके पड़ोसी लखपत सिंह ने बताया कि वेदप्रकाश का परिवार काफी गरीब है। वे लोग अपने प्लॉट में झोपड़ी बनाकर रहते हैं जिस पर तिरपाल डाल रखा है। मंगलवार शाम आंधी चली तो पड़ोस में रहने वाले वेदप्रकाश के भाई हीरानंदन की छत पर लगी बाउंड्रीवाल उनकी झोपड़ी पर गिर पड़ी। झोपड़ी में वेदप्रकाश की दस साल की बेटी नैना डेढ़ वर्षीय भाई सचिन को खिला रही थी। दोनों बच्चे मलबे में दब गए। चीखपुकार मचने पर आसपास के लोगों ने मलबा हटाकर दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां सचिन को मृत घोषित कर दिया गया। नैना की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
कॉलोनाइजर पर गुस्सा
करगैना गौंटिया में हुई घटना को लेकर आसपास के लोगों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि कॉलोनाइजर ने बिना पिलर लगाए करीब 12 फुट ऊंची दीवार खड़ी कर दी है। इसी वजह से यह हादसा हुआ।