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पति ने दिया तीन तलाक, सास बना रही देवर से हलाला का दबाव

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शहर में तीन तलाक का एक मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मायके से पांच लाख रुपये लाकर नहीं देने से खफा पति उसे तीन तलाक देकर सऊदी अरब चला गया। सास अब देवर के साथ हलाला करने का दबाव बना रही है। महिला से कहा गया है कि यदि उसे दोबारा पति से निकाह करना है तो मायके से पांच लाख रुपये लाने के साथ ही देवर के साथ हलाला भी करना होगा। इज्जतनगर पुलिस ने महिला की शिकायत पर पति, देवर और सास समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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फरीदापुर चौधरी निवासी युवती का निकाह 24 नवंबर 2018 को रहपुरा चौधरी के नयाब खां से हुआ था। आरोप है कि शादी में आठ लाख रुपये खर्च करने के बावजूद ससुराल वाले दो सप्ताह बाद ही पति के कारोबार के लिए मायके से पांच लाख रुपये मंगाने लगे। महिला का आरोप है कि इस बीच सऊदी अरब से लौटे देवर ने उससे अश्लील हकरतें कीं और अपने हिसाब से रहने को दबाव बनाया। लेकिन शिकायत पर पति और बाकी ससुराल वालों ने भी देवर का ही साथ दिया। विरोध करने पर जेवर, कपड़ा छीनकर घर से निकाल दिया। 30 जून 2020 को पति नयाब खां उसे तीन तलाक देकर सऊदी अरब चला गया और कहा कि पांच लाख का इंतजाम करके दोबारा निकाह कर लेना। महिला का आरोप है कि 20 अगस्त 2020 को सास मोमीना उसके मायके पहुंचीं और कहा कि पांच लाख रुपये दो तो देवर आरिफ से हलाला कराकर नायाब से तुम्हारा दोबारा निकाह करा देंगे। पुलिस ने पति नयाब खां, सास मोमीना, जेठ जहान खां व पप्पू, ननद जोहरा बी और देवर आरिफ के खिलाफ मारपीट, छेड़छाड़, दहेज उत्पीड़न आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मुस्लिम समाज की महिलाएं अब जागरूक होने लगी हैं और वे गलत के विरोध में बोलने लगी हैं। तलाक और हलाला को मजहब से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। जो लोग इसे इस्लाम में जायज बताते हैं, वे गलत कहते हैं क्योंकि इस्लाम कभी किसी पर जुल्म करने की इजाजत नहीं देता। पुलिस को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
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- निदा खान, अध्यक्ष, आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी
हलाला जैसी कुप्रथा मुस्लिम समाज की महिलाओं के साथ अत्याचार है। पति तलाक देकर गलती करे और उसके किए हुए जुर्म की सजा पत्नी भुगते। ये महिला की इज्जत के साथ खिलवाड़ है। इस्लाम ने महिला को एक फूल की मानिंद बताया है और उसकी इज्जत करने का हुक्म दिया है। पुलिस को इस अपराध के प्रति सख्त होना चाहिए।
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- फरहत नकवी, अध्यक्ष, मेरा हक फाउंडेशन
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