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सरेशाम राह चलती बीए की छात्रा को घर में खींचकर दुष्कर्म, रिपोर्ट लिखी छेड़छाड़ की

सार

भड़के परिजन ने मोहल्ले वालों के साथ थाना सुभाषनगर घेरकर किया जमकर हंगामा
 
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घटना के विरोध में सुभाष नगर थाने के बाहर खड़े लोग।
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विस्तार
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हंगामे के बाद लिए पीड़िता के बयान, मेडिकल के लिए भिजवाया
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मेडिकल होने के बाद भी नहीं दर्ज की गई दुष्कर्म की एफआईआर

बरेली। सुभाषनगर में सड़क पर गुजर रही बीए की छात्रा को सरेशाम चार युवकों ने एक घर में खींच लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस गंभीर घटना की सुभाषनगर पुलिस ने सिर्फ छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज की तो पीड़िता के परिवार वाले भड़क गए। उन्होंने तमाम लोगों के साथ थाना घेरकर जमकर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज कर उसे मेडिकल के लिए भिजवाया। हालांकि अभी दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
पीड़ित छात्रा का परिवार शनिवार को मथुरा गया था और वह घर में अकेली थी। अकेले होने की वजह से शाम करीब सात बजे वह मोहल्ले में ही अपने मामा के घर जाने को निकली। रास्ते में करन अपने भांजे राज गिल और दो दोस्तों की मदद से उसका मुंह दबाकर एक घर में खींच ले गया जहां छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद चारों आरोपी छात्रा को छोड़कर भाग निकले। रोती-सिसकती हुई पीड़ित छात्रा अपने मामा के घर पहुंची जहां पूरा वाकया बताया। परिवार के लोगों ने रात में ही थाना सुभाषनगर जाकर तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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रविवार सुबह मथुरा से पीड़ित छात्रा का परिवार लौटा तो एक बार फिर उसे साथ लेकर परिजन थाना सुभाषनगर पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज न करने पर आपत्ति की तो पुलिस ने सिर्फ मारपीट और छेड़खानी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें उसकी कॉपी दे दी। रिपोर्ट में दुष्कर्म की बात गायब देखकर परिवार के लोग भड़क गए। उन्होंने फोन कर मोहल्ले को लोगों को बुला लिया और उसके बाद थाना घेरकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस बैकफुट पर आई। प्रभारी थानाध्यक्ष जोखन सिंह ने छात्रा के बयान दर्ज कर उसे मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा। हालांकि दुष्कर्म की रिपोर्ट लिखने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई तो धारा बढ़ा दी जाएगी।
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पुलिस के मुताबिक छात्रा के परिवार की ओर से शनिवार रात छेड़खानी की ही तहरीर दी गई थी। रविवार को उन्होंने दुष्कर्म की तहरीर दी। हालांकि इस वक्त तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। लिहाजा सवाल उठ रहा है कि अगर परिवार ने पहले छेड़खानी की तहरीर दी थी तो पुलिस ने दूसरी तहरीर के आधार पर केस दर्ज क्यों नहीं किया।

कपड़े अपने कब्जे में लेकर पुलिस ने मेडिकल के लिए भेजा

परिवार वालों ने बताया कि रविवार दोपहर जब वे लोग छात्रा को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर मौजूद नहीं थीं। इसके बाद उन्हें दोपहर बाद उन्हें दोबारा बुलाकर छात्रा का मेडिकल किया गया मगर अभी उसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। छात्रा के घटना के समय जो कपड़े पहने थी, वह भी पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं।

एक तरफ पुलिस की आनाकानी दूसरी तरफ आरोपी ने धमकाया

छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में उसका परिवार दोतरफा संघर्ष करता रहा। एक तरफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की, दूसरी तरफ आरोपी करन ने शनिवार रात ही उसके घर पहुंचकर गालीगलौज करते हुए धमकियां दीं। छात्रा के परिजन के मुताबिक आरोपी करन दबंग किस्म का है और उसके खिलाफ पांच मुकदमे भी चल रहे हैं। शनिवार रात घटना के बाद वह उनके घर पहुंचा और दरवाजे पर खड़े होकर काफी देर गालीगलौज करता रहा। उसने परिवार वालों को धमकी दी कि अगर पुलिस में शिकायत की तो वे अंजाम भुगतने को तैयार रहें।

...और पुलिस के अफसर बेखबर

शहर की घनी आबादी वाले सुभाषनगर में सरेशाम छात्रा को घर में खींचकर दुष्कर्म किए जाने और थाने पर भारी हंगामे की घटना के बावजूद पुलिस के आला अफसरों को घटनाक्रम की भनक नहीं लगी। रविवार देर रात तक पुलिस अफसरों की ओर से इस मामले में कोई दखलंदाजी नहीं की गई थी।
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