बरेली। किला छावनी में दर्शन सक्सेना उर्फ सागर की हत्या करने के आरोपी अमन और राजू को किला पुलिस ने शनिवार को सत्यप्रकाश पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक दर्शन की हत्या के बाद खून से रंगे अपने कपड़े दोनों ने वहीं रेलवे लाइन के किनारे उतारकर फेंक दिए थे जिन्हें उनकी निशानदेही पर बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया गया।
दर्शन की 19 जुलाई की रात चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। 20 जुलाई की सुबह उसका शव घर से कुछ ही दूर एक खाली प्लॉट में पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर पर चाकू के 35 से ज्यादा वार मिले थे। इसके अलावा उसका गला रेतने के साथ पेट भी फाड़ दिया गया था। 19 जुलाई की रात दर्शन को उसका दोस्त अमन घर से बुलाकर ले गया था। इसी आधार पर दर्शन के पिता ने अमन और राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के बाद अमन और राजू घर से फरार हो गए थे। शनिवार को पुलिस ने उन्हें किला इलाके में ही सत्यप्रकाश पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक अमन और राजू ने किला नदी के किनारे मैदान में ही दर्शन की हत्या की थी लेकिन उसका शव वहां से कुछ दूर प्लॉट में पड़ा मिला। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने ऐसा संभवत: इसलिए किया क्योंकि वे या तो शव गायब करना चाहते थे या फिर नदी में फेंकना चाहते थे लेकिन अंतत: हिम्मत जवाब दे जाने की वजह से प्लॉट में ही शव छोड़कर भाग निकले। हत्या के बाद भागते वक्त आरोपियों ने खून से सने अपने कपड़े रेलवे लाइन के किनारे फेंक दिए थे। शनिवार को उनकी निशानदेही पर पुलिस ने खून से सने दोनों के कपड़े बरामद कर लिए।
दोस्ती, अपमान और खौफ के बीच
पहुंच गई मरने-मारने तक नौबत
आरोपी बोले- दोस्ती होने के बावजूद सार्वजनिक रूप से बेइज्जती करता था दर्शन
शरीर से था मजबूत इसलिए नहीं कर पाते थे विरोध, मरने के बाद राजू ने रेता गला
अमन और राजू ने पुलिस को बताया कि दर्शन उनके मुकाबले शारीरिक रूप से काफी मजबूत था। दोस्ती होने के बावजूद अक्सर उनकी सार्वजनिक रूप से बेइज्जती करता था। वे लोग चाहकर भी उसका विरोध नहीं कर पाते थे न दोस्ती तोड़ पाने की हिम्मत जुटा पा रहे थे। इसी वजह से मन ही मन में उसकी हत्या करने की ठान ली।
राजू ने पुलिस के बताया कि दर्शन उसे अक्सर दोस्तों के बीच ही अपमानित करता था। उसे हर बार खून का घूंट पीकर रह जाना पड़ता था। अमन के साथ भी वह कई बार ऐसा कर चुका था। आखिर उन लोगों ने उसके साथ दोस्ती रखते हुए मारने का फैसला लिया। घटना की रात वे लोग किला नदी के किनारे बैठे थे। बातचीत के दौरान ही दर्शन उन्हें धमकाने लगा तो मारपीट शुरू हो गई। राजू का कहना है कि मांस काटने वाली छुरी दर्शन ही लेकर आया था लेकिन झगड़े के दौरान वे लोग उससे छुरी छीनने में कामयाब हो गए और फिर उसी छुरी और अपने चाकू से उन्होंने दर्शन पर ताबड़ताड़ वार शुरू कर दिए।
पुलिस के मुताबिक दर्शन की हत्या की योजना राजू ने ही बनाई थी। चाकुओं से ताबड़तोड़ कई वार करके राजू और अमन ने दर्शन की हत्या कर दी लेकिन राजू को डर था कि कहीं वह जीवित न बच जाए। इसीलिए उसने मरने के बाद भी दर्शन का गला रेतने के साथ चाकू से उसका पेट भी फाड़ दिया। हालांकि पूछताछ के दौरान कई बार उसने पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की।
नानकमत्ता से चाकू लाया था राजू
इंस्पेक्टर किला राजकुमार तिवारी ने बताया कि राजू को हथियार रखने का भी शौक है। वह हर साल नानकमत्ता जाता है जहां से कभी चाकू तो कभी तलवार खरीदकर लाता है। हत्या में प्रयुक्त चाकू उसने पिछले साल नानकमत्ता से ही 350 रुपये में खरीदा था।
आखिरी सांस तक जान बचाने
की कोशिश करता रहा दर्शन
चाकू मारते-मारते खुद भी घायल हो गए अमन और राजू, झोलाछाप से कराई मरहम-पट्टी
राजू और अमन ने बताया कि उन्हें डर था कि अगर दर्शन बच गया तो उन लोगों की हत्या कर देगा। इसी कारण दर्शन का शरीर पूरी तरह शांत होने तक वे लोग उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार करते रहे। दर्शन ने अपनी जान बचाने की काफी कोशिश की। कभी वह पलट जाता था तो कभी अपने हाथ आगे कर देता, इसी वजह से उसके दोनों हाथ भी चाकू से बुरी तरह कट गए थे। दर्शन के विरोध के कारण अपने ही चाकू से राजू के बायें हाथ की दो अंगुलियां कटीं, अमन का बायां हाथ ङी कलाई से ऊपर जख्मी हो गया। हत्या के बाद वे लोग भागकर फतेहगंज पश्चिमी पहुंचे जहां एक झोलाछाप से मरहम पट्टी कराई।