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पिता और बेटा दोनों हैं दिव्यांग, मछली बेचकर करते हैं गुजारा

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जख्मी युवक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सिपाहियों ने मछली बेचने को भी बता दिया अवैध धंधा और चला दिया डंडा
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बरेली। कासिम बेहद गरीब परिवार से है और उसके पिता कौसर भी दिव्यांग हैं। दोनों बाप-बेटे शहर से मछली लाकर उड़ला जागीर में फड़ लगाकर बेचते हैं, जिससे उनका परिवार चलता है। मगर इस काम को भी सिपाहियों ने अवैध धंधा बताकर कासिम पर डंडा चला दिया।
परिवार वालों ने बताया कि तीन-चार साल पहले कासिम का दाहिना हाथ हल्दी पीसने वाली मशीन में फंस गया था। लंबे समय तक चले इलाज के दौरान उसका हाथ कोहनी के ऊपर से काटना पड़ा। इससे कुछ साल पहले उसके पिता कौसर के साथ भी ऐसा ही हादसा हुआ और उनका हाथ भी कलाई के ऊपर से कट गया। अब दोनों ही दिव्यांग हो गए, जिसके चलते बहुत ज्यादा काम भी नहीं कर पाते थे। इस वजह से मछली बेचने लगे लेकिन यहां उन्हें सिपाहियों ने परेशान करना शुरू कर दिया। सिपाही अक्सर फड़ के सामने से गुजरते समय धमकाते थे कि अवैध धंधा करते हो, लाइसेंस नहीं है। उन्हें हिस्सा दो, नहीं तो गिरफ्तार करके जेल भेज देंगे। बुधवार को भी सिपाहियों ने हिस्सा देने को कहा और फिर कासिम को पीटने लगे।
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रो-रो कर पुलिस को कोस रही थी मां
घटना की सूचना पर कासिम की मां मौके पर पहुंची तो रो-रो कर पुलिस वालों को कोसने लगी। उसका कहना था कि रुपयों की खातिर पुलिस वालों ने उसके बेटे को पीट-पीटकर बेसुध कर दिया है। इस दौरान कुछ लोग वीडियो बनाने लगे तो वह नाराजगी जताने लगी कि जल्दी से उसके कासिम को अस्पताल पहुंचा दो।
सफाई दे रही बिथरी पुलिस
इस घटना के संबंध में जब बिथरी के कार्यवाहक थाना प्रभारी अली हसन से बात की गई तो वे कार्रवाई के बजाय सफाई देने लगे। कहा कि सिपाहियों ने गलत किया। अगर किशोर पर कोई शक था तो उसे पकड़कर थाने लाते, मुकदमा लिखकर कार्रवाई करते।
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वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर हेड कांस्टेबल और सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
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